1 जुलाई को देवशयनी एकादशी / मंडप में पहुंचने से पहले दूल्हा-दुल्हन की हुई स्क्रीनिंग

X

  • सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए शादी विवाह की रश्में पूरी कीं

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

अशोकनगर. 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी के बाद से मांगलिक कार्यों पर पाबंदी लग जाएगी। इसके बाद 26 नवंबर को देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्यक्रम शुरू हाेंगे, इस दिन से ही शहनाई बजेंगी। मंगलवार को विवाह के सबसे ज्यादा मुहूर्त रहे। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए शादी विवाह की रश्में पूरी कीं।
नवंबर में 2 दिन और दिसंबर में 7 दिन के ही मुहूर्त रहेंगे। अब अगले वर्ष अप्रैल 2021 तक विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार करना होगा। पंडित किशनलाल मिश्र ने बताया कि नए साल 2021 में जनवरी से मार्च तक गुरु व शुक्र ग्रहों के अस्त रहने पर मुहूर्त नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि अगले साल 22 अप्रैल 2021 से दिसंबर 2021 तक 46 दिन ही शुभ मुहूर्त रहेंगे। अप्रैल में 6, मई में 10, जून में 11, जुलाई में 6, नवंबर में 7 और दिसंबर में 6 दिन मुहूर्त रहेंगे।
विवाह के लिए नवंबर-दिसंबर में 10 दिन रहेंगे मुहूर्त, बाद में करना होगा बसंत पंचमी तक का इंतजार: नवंबर, दिसंबर के शुभ मुहूर्त में विवाह नहीं करने वालाें काे बसंत पंचमी तक का इंतजार करना हाेगा। अगले साल 16 फरवरी काे बसंत पंचमी का अबूझ मुहूर्त है। नवंबर में देवउठनी एकादशी के बाद 26 व 27 नवंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। अगले माह दिसंबर में 1, 2, 6, 7, 8, 9 व 11 तारीखों को ही विवाह के लिए मुहूर्त रहेंगे। इस तरह नवंबर-दिसंबर में देवउठनी एकादशी का दिन शामिल कर लिया जाए तो भी 10 दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। जिनके विवाह इन तिथियों में नहीं हो पाएंगे, उन्हें चार माह बाद 22 अप्रैल 2021 तक इंतजार करना पड़ेगा। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना