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पढ़ाई की बदली तस्वीर...:मजदूरी के लिए शिक्षा से समझौता नहीं, हर दिन 2 घंटे ऑनलाइन क्लास ले रहे आदिवासी बच्चे

अशोकनगर8 महीने पहले
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  • काेरोना के चलते मोबाइल पर ली जा रही क्लास, जिन पर मोबाइल नहीं उन्हें मोहल्ला क्लास में पढ़ा रहे शिक्षक

ये तस्वीर आदिवासी बस्ती कोलुआ की है। यहां भले ही बच्चे अपने परिवार के साथ मेहनत-मजदूरी करने जाते हों लेकिन अपनी पढ़ाई के साथ समझौता बिल्कुल नहीं कर रहे हैं। हर दिन 2 घंटे ऑनलाइन क्लास मोबाइल पर अटेंड कर रहे हैं और जिन बच्चों पर मोबाइल नहीं हैं वे एक दूसरे के साथ बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं या उनके लिए स्कूल के शिक्षक मोहल्ला क्लास लगा रहे हैं।
बदलाव की ये तस्वीर कोरोना महामारी के चलते देखने को मिली है। माध्यमिक विद्यालय कोलुआ के मैदान में बैठकर शिक्षिका ज्योति भारिल्ल मोबाइल पर बच्चों की क्लास ले रही हैं। ये उन स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए एक सीख है जो न तो मोहल्ला क्लास लेने गांव में जा रहे न ही बच्चों की ऑनलाइन क्लास ले रहे। जिसे लेकर हाल ही में शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों को नोटिस भी जारी किए थे। हर दिन इन बच्चों की ऑनलाइन क्लास लग रही है। साथ ही मोहल्ला क्लास भी संचालित की जा रही है। शिक्षिका ने बताया कि मोहल्ला क्लास सुबह 10 से 1 बजे के बीच चलाई जा रही है। मोबाइल पर बच्चों को जोड़ने के लिए लिंक भेजी जाती है और ग्रुप भी बनाए हैं। जिनमें बच्चों से सवाल किए जाते हैं।
ये है हालत... कइयों पर खुद के तो कई पालकों के मोबाइल से ले रहे क्लास
ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने अपनी ओर से प्रयास किए। करीब 1 हजार 586 बच्चे ऐसे हैं जिनके पास मोबाइल है। 729 को उनके पालकों के मोबाइल से जोड़ा गया है। 1 हजार 286 डीजीलेप व 451 दूरदर्शन से पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि 1 हजार 790 बच्चों को हमारा घर हमारा विद्यालय के तहत पढ़ाया जा रहा है।

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