जल संकट / पानी का परिवहन पिछले साल की तरह बंद, 7 वार्डों में संकट बढ़ा, 1 घंटे ही पानी दे रहे हैंडपंप

Transport of water stopped like last year, crisis increased in 7 wards, hand pumps giving water for 1 hour
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Transport of water stopped like last year, crisis increased in 7 wards, hand pumps giving water for 1 hour

  • वार्ड नंबर 1,2,3,5,6 और 7 में पानी की ज्यादा परेशानी, कई बस्तियों में जलस्तर गिरने की वजह से भी बढ़ी परेशानी

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

अशोकनगर. गर्मियों के बीच लगातार भू-जलस्तर गिरने से शहर में जल संकट से लोगों को जूझना पड़ रहा है। पिछले साल शहर के उन वार्डों में नपा ने ट्यूबवैल खनन कराए थे जहां नपा की पाइप लाइन नहीं है। इनमें से कुछ ट्यूबवैल बंद होने और जलस्तर में गिरावट के बाद परेशानी बढ़ी है। इसके चलते कई स्थानों पर पानी भरने के दौरान आपसी विवाद के मामले बढ़ रहे हैं। पेयजल परिवहन को बंद कर पिछले साल शहर में विभिन्न वार्डों में 40 से अधिक ट्यूबवैल खनन कराए थे। इस कार्य में लाखों रुपए खर्च किए गए। लेकिन इस व्यवस्था का पूरा लाभ वार्डवासियों को नहीं मिल पा रहा है। 6 जनवरी को नपा परिषद का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक और नपा के हाथ में प्रबंधन की बागडोर है। लेकिन कई वार्डों में आज भी लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। यह स्थिति उन वार्डों में अधिक है जहां पर नपा की पाइप लाइन नहीं है। वहीं शहर में कई वार्ड ऐसे भी हैं जहां कहने को तो नपा की पाइप लाइन डली है लेकिन तकनीकी खामियों के बीच घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
पिछले साल से 2.37 मीटर कम गिरा जलस्तर
जिले में इस बार अच्छी बारिश के चलते पिछले साल की तुलना में 2.37 मीटर जलस्तर कम हुआ है। पिछले साल गर्मियों में जिले का औसत जलस्तर 28.95 मीटर दर्ज किया गया था जबकि इस बार जलस्तर 26.58 मीटर है। इस दौरान अशोकनगर में जलस्तर 31.52 मीटर, ईसागढ़ में 27.15 मीटर, मुंगावली में 23.52 मीटर और चंदेरी में 24.12 मीटर है।

पाइप लाइन लेकिन प्रेशर की समस्या
वार्ड नंबर 12 में लंबरदार मोहल्ला में बृजेश पेंटर की गली के अलावा अम्बेडकर मोहल्ला में ठेकेदार वाली गली में पाइप लाइन नहीं होने की वजह से मैन रोड से पानी लाने के लिए रहवासियों ने लंबी पाइप लाइन डाल रखी है। इस वजह से घरों तक पानी नहीं पहुंचने की वजह से वार्ड वासियों को हर दिन पानी के लिए मशक्कत करना पड़ रही है।
निजी टेैंकरों से मंगाया जा रहा है पानी
शहर में इन वार्डों के अलावा दूसरे वार्ड में भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां कहीं न कहीं पानी की समस्या बनी हुई है। कई घरों में पानी तक नहीं पहुंच रहा है। जबकि कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां प्राइवेट टैंकरों से पानी मंगाया जा रहा है।
वे वार्ड जहां सबसे अधिक है पानी की किल्लत, नहीं हो रहा संकट का निदान

  • शहर में वैसे तो अधिकांश वार्ड में कहीं न कहीं पानी की समस्या बनी है। फिर भी कुछ वार्डों में जब हमने पहुंचकर पड़ताल की तो लोगों को पानी के लिए परेशान होते देखा गया। 
  • वार्ड नंबर 1- वार्ड नंबर 1 में त्रिलोकपुरी कॉलोनी में लंबे समय से पानी की किल्लत रहती थी। पिछले साल 6 ट्यूबवैल लगाए गए। सिंगल फेस के ट्यूबवैल पर खुद लोग पहुंचकर पानी भरते हैं जबकि थ्री फेस की मोटर जिनमें डली हैं वहां से 200 रहवासियों के यहां पानी पहुंचता है। इसके बाद भी तीन क्षेत्र ऐसे बचे हैं जिनको एक साल बाद भी ट्यूबवैल खुदने का इंतजार है। वार्डवासियों ने बताया कि पिछले साल इन क्षेत्रों में 20 दिन बाद ट्यूबवैल खनन का बोला था लेकिन एक साल पूरा निकल गया है। जबकि इसी वार्ड में दुर्गा कॉलोनी में नल कनेक्शन होने के बाद भी घरों में पानी नहीं आ रहा है।
  • वार्ड नंबर 5- वार्ड नंबर 5  पूजा कॉलोनी क्षेत्र में हर साल टैंकरों से परिवहन होता था। पिछले साल 2 बोर लगाए। इस बार जलस्तर में गिरावट होते ही अब स्थिति खराब होने लगी है। दोनों ट्यूबवैल पर 10-10 टोटियां लगी हैं। यहां पानी भरने को लेकर विवाद भी हो चुके हैं। अब सुबह एक घंटे बोर चलने के बाद पानी आना बंद हो जाता है। इससे वार्ड वासियों को पानी की समस्या बढ़ने लगी है।
  • वार्ड नंबर 6,7- शहर में वार्ड नंबर 6 और 7 में 6 बोर पिछले साल लगाए गए थे। इनमें से 4 बोर चालू हैं। ऐसे में सुबह और शाम पानी के लिए पाइप लाइन में लगी टोटियों में लंबी कतारें लोगों की लगी हुई है। सुबह और शाम को पानी भरने के लिए लंबी कतारें ट्यूबवैल पर लगी रहती हैं।

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