रामलीला में हुआ अंगद रावण संवाद:सार्वभौमिक मानवीय मूल्य होंगे पाठ्यक्रम में शामिल

अशोकनगरएक महीने पहले
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स्कूलों में शिक्षारत बच्चे बेहतर शिक्षा पाकर अच्छे नागरिक बन सकें। इसके लिए जल्द ही उनके पाठ्यक्रम में सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों से जुड़ी विषयवस्तु शामिल की जाएगी। शुरुआत में यह कक्षा 9 से 12 तक के लिए होंगे। इसके बाद प्राथमिक स्तर पर इनको लागू किया जाएगा। इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है, साथ ही कुछ स्थानों पर इसको लेकर प्रयोग भी किए गए हैं। सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों का पाठ्यक्रम लगभग तैयार हो गया है। जिसे जल्द ही पाठ्यक्रम निर्धारण समिति को भेजा जाएगा। यह बात माध्यमिक शिक्षा मंडल के एडिशनल डायरेक्टर धीरेंद्र चतुर्वेदी ने सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को लेकर शुरू हुई आनन्द विभाग की पांच दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ में कही।

प्रदेश भर के शिक्षकों एवं अन्य व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन यूएवी के साथ मिलकर राज्य आनन्द संस्थान द्वारा किया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए करीब 375 लोगो ने अपना पंजीयन कराया है। कार्यक्रम की विषय वस्तु राज्य आनन्द संस्थान के सीईओ अखिलेश अर्गल ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य सहज स्वीकृति विकसित करना। इस तरह के शिक्षक बच्चों को जीने की कला सिखा सकते हैं। राज्य आनंद संस्थान के डायरेक्टर इंद्रपाल सिंह ने बताया कि शिक्षा में सुधार कर समाज एवं व्यक्ति उपयोगी बनाने के लिए यह अनुभव आधारित कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के बाद अपने जीवन में सहज स्वीकृति विकसित की जा सकती है।

अशोकनगर; श्रीराम सिद्ध कला परिषद द्वारा स्थानीय अंबेडकर भवन पठार पर चल रही रामलीला में अंगद रावण संवाद हुआ।
अंगद जी द्वारा रावण को बहुत समझाया गया किंतु रावण ने घमंड के वशीभूत को कर एक ना मानी। हनुमान जी लक्ष्मण जी को लगी शक्ति के बाद बूटी लेकर आए। पात्र रावण डायरेक्टर अनिल शर्मा, रामबंधु शर्मा, लक्ष्मण आदित्य शर्मा, हनुमान ऋषि कांत त्रिपाठी, अंगद पवन शर्मा, पीयूष पाराशर, जय राज योगी, बालकिशन दाऊ ने किया।

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