पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

18+ वैक्सीनेशन:तीन दिन में सिर्फ 300 का वैक्सीनेशन, लिंक ओपन होने के 2 मिनट में 100 का रजिस्ट्रेशन

अशोकनगरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
टीकाकरण केंद्र पर वैक्सीन लगवाते हुए युवा। - Dainik Bhaskar
टीकाकरण केंद्र पर वैक्सीन लगवाते हुए युवा।
  • ऐसे ही कछुआ गति से तो पूरे साल में भी युवाओं को नहीं लग पाएंगे टीके

वैक्सीनेशन के चौथे चरण में 18 से 44 साल के युवाओं को टीका लगना तो दूर पंजीयन तक नहीं हो पा रहा। पूरे दिन परेशान होने के बाद भी पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही निर्धारित कोटा 100 रजिस्ट्रेशन होने के तत्काल बाद फिर लिंक बंद हो जाती है। यदि ऐसे ही कछुआ गति से युवाओं के टीकाकरण की प्रक्रिया चली तो पूरा साल बीत जाने के बाद भी वैक्सीनेशन नहीं हो पाएगा।

ज्ञात रहे चौथे चरण के तहत 18 से 44 साल के युवाओं के वैक्सीनेशन का कार्यक्रम 5 मई से शुरू हुआ है। 3 दिन में अब तक जिले के सिर्फ 300 युवाओं को ही टीका लग सका। इसके लिए युवाओं को पंजीयन के लिए खासी मशक्कत करना पड़ी। घंटों इंतजार के बाद कोविन एप पर उनका पंजीयन हो सका। 1 दिन में टीकाकरण के लिए एप पर सिर्फ 100 युवाओं के ही पंजीयन हो पा रहे हैं।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद टीका लगाने के लिए भी फिलहाल जिले में एकमात्र टीकाकरण केंद्र जिला मुख्यालय पर ही बनाया गया है। पछाड़ीखेड़ा स्थित शासकीय मिडिल स्कूल में 45 प्लस के टीकाकरण के साथ ही हर दिन 18 से 44 साल के 100 युवाओं को भी टीका लगाने की व्यवस्था की गई है।

45 प्लस के वैक्सीनेशन में भी अनदेखी
पिछले करीब 1 माह से चल रहे 45 प्लस के वैक्सीनेशन में भी टीका लगाने वाले कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। टीकाकरण केंद्र पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी 45 से ज्यादा उम्र के लोगों कि बगैर बीपी शुगर जांच किए हैं टीका लगा रहे है। इस कारण ज्यादा उम्र के ऐसे भी बीपी शुगर वाले मरीजों को दिक्कत आने की आशंकाएं ज्यादा है।

दो मिनट में ही 100 पंजीयन और साइट बंद
18 से 44 साल के युवाओं को वैक्सीनेशन के लिए अनिवार्य की गई ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया में युवा उलझ कर रह गए। जिले में 1 दिन में सिर्फ 100 युवाओं को टीका लगाने का टारगेट कोविन एप पर 2 मिनट में ही पूरा हो जाता है। हर दिन दोपहर बाद 4 बजे पंजीयन के लिए वेबसाइट तो चालू होती है। लेकिन पहले से वेबसाइट खोल कर प्रक्रिया में लगे शुरुआती 100 युवाओं का ही पंजीयन हो पाता है।

पंजीयन के लिए लिंक खोले बैठे युवा रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे

आशा, उषा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ने लगाए आरोप
टीकाकरण को लेकर आशा उषा कार्यकर्ता संगठन की प्रदेश अध्यक्ष विभा श्रीवास्तव ने भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के टीकाकरण सेंटरों को सैनिटाइज नहीं करने के कारण वहां आ रहे स्वस्थ मरीजों को भी संक्रमण का खतरा रहता है। किल कोरोना के तहत घर-घर जाकर सर्वे कर रहे पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा व उषा कार्यकर्ताओं के पास संसाधनों का अभाव है।

तापमान मापने के लिए नॉन टच थर्मामीटर पल्स ऑक्सीमीटर ही नहीं दिए। सर्वे दल के पास ग्लब्स, मास्क, सैनिटाइजर दिए जाते। कार्यकर्ताओं को मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही। वह होम क्वारेंटाइन मरीजों की देखभाल व फॉलो करने के लिए क्षेत्र के सीएचओ अपनी जिम्मेदारी आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पूरी तरह रहे हैं।

ऐसे तो तीन लाख युवाओं का वैक्सीनेशन संभव नहीं
टीके के डोज कम होने के कारण राज्य शासन द्वारा औपचारिकता के रूप में सिर्फ 1 जिले के 100 युवाओं को टीका लगाने की प्रक्रिया से जिले के 30 लाख युवाओं को टीका लगाना संभव नहीं होगा। युवाओं के वैक्सीनेशन के लिए व्यापक स्तर पर ज्यादा केंद्र बनाकर टीकाकरण अभियान शुरू करने की जरूरत है।
कोटा बढ़ाने का निर्णय राज्य स्तर से ही होगा

  • 18 प्लस के युवाओं में वैक्सीनेशन को लेकर उत्साह है। यही वजह है कि लिंक ओपन होते हैं 2 से 5 मिनट में सौ युवाओं का पंजीयन हो जाता। यह कोटा बढ़ाने का निर्णय राज्य स्तर से होगा। रही बात 45 प्लस के वैक्सीनेशन में बीपी शुगर की जांच नहीं करने की। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। - डॉ. जसराम त्रिवेदिया, सिविल सर्जन जिला अस्पताल
खबरें और भी हैं...