भागवत कथा:जब हम मक्खन बन जाएंगे तो माखन चोर के पास होंगे: अमृता

मधुसूदनगढ़9 महीने पहले
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श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन सांवरिया परिषद मधुसूदनगढ़ में डॉ. अमृता करुणेश्वरी ने कथा सुनाते हुए कहा कि जब हम मक्खन बन जाएंगे तब तो हम माखनचोर के पास होंगे। कथा सुनाते हुए उन्होंने पूतना वध प्रसंग का विस्तार से सुनाया। उन्होंने की पूतना 14 को आई थी यानी पांच कामिनी या पांच ज्ञानेंद्रियां और 4 बुराइयां मिलकर 14 होते हैं। उन्होंने कहा कि पूतना बलि की पुत्री थी उसने भगवान को देखते हुए यह विचार किया था कि ऐसा पुत्र यदि मेरा होगा तो मैं उसे दूध पिलाऊंगी।

जब भगवान ने बलि का सभी हर लिया तब उसका विचार हुआ ऐसे पुत्र को तो मैं भी जहर दे दूंगी। भगवान ने पूतना के रूप में बलि की पुत्री की यह दोनों इच्छाएं पूरी की। भगवान शिव नंदलाला के दर्शन के लिए योगी बनकर आए थे। उन्होंने माखनचोर की मटकी फोड़ लीला विस्तृत वर्णन कर कहा कि माखनचोर का अर्थ सिद्धांत यम, नियम, संयम, ध्यान तथा समाधि से मिलता है।

उन्होंने कहा कि मक्खन बनाने के लिए दूध को निकलना, दूध जमाना, दही मथना, मक्खन निकालना पांच जब मनुष्य अपने जीवन को इस प्रकार मथ कर मक्खन जैसा कोमल और निर्मल निश्चल बना लेगा तो भगवान निश्चित ही उसे मिल जाएंगे। मटकी फोड़ के बारे में उन्होंने बताया कि मानव का जब घमंड टूट जाता है तभी मेरा मिलन उससे होता है आज भी हम लोग यदि अपने को माखन जैसा मुलायम निश्चल और निर्मल बना सकेंगे तो भगवान से दूर नहीं रह सकेंगे।

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