देवोत्थान एकादशी:कलश और दीपक लिए प्रभात फेरी में शामिल हुईं महिलाएं, अयोध्या सा दिखा नजारा

अशोकनगर2 महीने पहले
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प्रभातफेरी में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। - Dainik Bhaskar
प्रभातफेरी में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

शहर के गढ़ी स्थित श्री राजराजेश्वर मंदिर से प्रतिवर्ष देवउठनी एकादशी के दिन भोरे 4:45 बजे श्रद्धालु एकत्रित होकर प्रभात फेरी निकालते हैं। यह नजारा अदभुत रहा, मानो अयोध्या धाम बन गया। पंडित कैलाश पति कि शंख की धुन एवं महिलाएं अपने हाथों में कलश और दीपक लिए जय श्री राम, जय जय श्री राम की धुन के जयकारे लगाते हुए निकली पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शहर में ऐसा लगा जैसे सभी शहर वासी देवोत्थान एकादशी के दिन सड़कों, गलियों में उतर आए हैं।

चंद लोगों से शुरू हुई प्रभातफेरी हजारों तक पहुंची
1991 में पंडित कैलाशपति नायक द्वारा प्रभात फेरी हनुमान मंदिर से ध्वज लेकर शुरू की थी, यह 1997 तक चली । 1997 से नित्य प्रभात फेरी निकालना शुरू हुआ। करीब 1 साल तक प्रभात फेरी के दौरान सुराणा चौराहा से इंदिरा पार्क तक प्रभात फेरी के साथ गाय शामिल रहीं। शुरुआत में जो प्रभात फेरी चंद लोगों से शुरू की थी, वह हजारों की संख्या में पहुंच गई।

राज राजेश्वर मंदिर से इस चल समारोह रूपी प्रभातफेरी की शुरुआत की गई। भगवान शिव और पार्वती की आराधना के बाद यह चल समारोह विदिशा रोड, लंबरदार मोहल्ला, पुराना बाजार, इंद्रापार्क, सुभाषगंज, स्टेशन रोड, गांधी चौक होते हुए शहर के गढ़ी स्थित हजारेश्वर मंदिर पर पहुंची। इस प्रभातफेरी में जहां बड़ी संख्या में महिलाएं नजर आईं वहीं शहर के धर्मप्रेमी लोग शामिल हुए।