शनिवार को न्यायालय में किया विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन:प्रकरणों में समझौते से गांव में ही विवादों का निपटारा कर लेना चाहिए: प्रधान न्यायाधीश

आष्टा3 महीने पहले
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शनिवार को न्यायालय में विधिक साक्षरता शिविर में पहुंचे प्रधान न्यायाधीश। - Dainik Bhaskar
शनिवार को न्यायालय में विधिक साक्षरता शिविर में पहुंचे प्रधान न्यायाधीश।

नागरिकगणों को अपने प्रकरणों में समझौते के माध्यम से गांव में ही विवादों का निपटारा कर लेना चाहिए। ताकि लोगों के धन, स्वास्थ्य व समय की बचत हों। इससे उन्हें अनावश्यक अदालतों में आकर परेशानी का सामना न करना पड़े। यह बातें शनिवार को न्यायालय परिसर में प्रधान जिला न्यायाधीश रामानंद चंद ने अपने प्रथम आगमन तथा विधिक साक्षरता शिविर में कहीं। प्रधान जिला न्यायाधीश के साथ विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह, जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार दांगी का आगमन पर स्वागत तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रथम जिला न्यायाधीश एसके चौबे, द्वितीय जिला न्यायाधीश कंचन सक्सेना, न्यायाधीश मनोज कुमार भाटी, सारिका भाटी, आयुषी गुप्ता, बॉबी सोनकर, शालिनी मिश्रा शुक्ला व एसडीएम विजय मंडलोई, तहसीलदार रघुवीर सिंह मरावी ने स्वागत व सम्मान किया। इस अवसर पर एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन न्यायालय में किया गया।

वन संरक्षण के लिए पौधरोपण जरूरी : न्यायाधीश श्री चंद द्वारा उपस्थित लोगों को वन संरक्षण पौधारोपण के प्रति जागरूकता व महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। विधिक शिविर में महिला स्वर्णकार समाज की अध्यक्ष व समिति की महिलाएं तथा अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं। जिन्होंने अपने अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रधान न्यायाधीश रामानंद चंद तथा उनके साथ आए न्यायाधीशों का अभिभाषक संघ के कक्ष में स्वागत किया। इस अवसर पर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष तेज सिंह भाटी, सचिव भूपेश जामलिया, संघ कोषाध्यक्ष सुनील कचनेरिया द्वारा साफा बांधकर व अभिभाषक संघ के अभिभाषकों द्वारा पुष्प हारों से स्वागत किया गया। प्रारंभ में अध्यक्ष श्री भाटी द्वारा स्वागत भाषण दिया गया।

फोटोकॉपी मशीन लगाने की मांग : अभिभाषक संघ द्वारा एक ज्ञापन दिया गया। जिसमें अभिभाषक संघ का कक्ष अभिभाषक गण के चेम्बर तथा अभिभाषक संघ में फोटोकॉपी मशीन की व्यवस्था व पक्षकार भवन की मांग की गई। प्रधान न्यायाधीश श्री चंद ने अभिभाषक संघ की इन मांगों पर विचार कर निराकरण करने का आश्वासन दिया। न्यायालय परिसर में रिक्त स्थान पर पौधारोपण किया गया। जिसमें आंवले, कटहल, गुलमोहर, अशोक सहित कई किस्मों के फलदार वृक्षों के पौधों का रोपण सुरक्षा के घेरों सहित किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश श्री चंद द्वारा जिले के सभी नागरिकों से वर्षा ऋतु में अपील की है कि वे लोग अपने घरों, खाली स्थानों कृषि भूमि पर जहां भी रिक्त स्थान हो वहां पर फलदार, फूलदार वृक्षों के पौधों का रोपण कर प्रकृति को अपना अमूल्य योगदान दें। क्योंकि प्रकृति से हम लेते भी हैं तो देना भी सीखें। इस अवसर पर वरिष्ठ अभिभाषक आरएम धारवां, मोहम्मद फारूख, नगीन चंद्र जैन, केएल जोशी, प्रहलाद सिंह वर्मा, धीरज कुमार धारवां, नीलेश शर्मा, सुरेन्द्र सिंह परमार शामिल थे।

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