कोरोना संक्रमण:रमजान के दूसरे असरे में रोेजेदार कर रहे मगफिरत के लिए अल्लाह से दुआ

आष्टा6 महीने पहले
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  • आज जुमे की नमाजों में घरों पर करें कोरोना से खात्मे की दुआ

माह ए रमजान का पहला असरा रहमत का निकलने के बाद दूसरा असरा मगफिरत का चल रहा है। जिसमें रोजेदार अपनी व अपने रिश्तेदारों की मगफिरत की दुआएं अल्लाह के सामने रोते हुए कर रहे हैं। शुक्रवार को 17 रोजे पूरे हो जाएंगे। साथ ही जुमे की विशेष नमाज भी लोग कोरोना संक्रमण के चलते मस्जिदों की बजाए घरों पर ही अदा करेंगे। साथ ही इस महामारी के खात्मे से निजाद दिलाने की दुआएं भी करेंगे।

नगर में मुस्लिम समाज के लोगों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। वहीं बोहरा दाऊदी समाज के रमजान भी चल रहे हैं।माह ए रमजान में जो रमजानुल मुबारक को रोजा इमान व सवाब की उम्मीद के साथ रखता है उसके पिछले गुनाह माफ हो जाते हैं। रमजान का अव्वल दर्जा रहमत का है, दरमियानी अशरा मगफिरत का है ओर आखिरी अशरा जहन्नम से आजादी का है।

इस बार भी कोरोना संक्रमण के चलते मस्जिदों में शासन की गाइड लाइन के अनुसार नमाज पांच लोग पढ़ रहे हैं। इसके अलावा नमाज व तराबीह घरों पर ही अदा की जा रही हैं। शुक्रवार को जुमे की विशेष नमाज भी गाइड लाइन के अनुसार पांच लोगों के साथ होगी तथा आमजन को घरों में ही नमाज अदा करनी होगी। रमजानुल मुबारक का चांद दिखने के साथ ही नगर की प्रमुख जुम्मापुरा मस्जिद, शाहजानी मस्जिद, किला जामा मस्जिद तथा नूरानी मस्जिदों में सेहरी व रोजा अफ्तार के समय सायरन चलाए जा रहे हैं। अलसुबह सेहरी करने के बाद रोजेदार रोजा रखकर दिन भर अल्लाह की इबादत करने में लगे हैं।

साथ ही पांच वक्तों की नमाजों को बजमात अदा की जा रही हैं। इस समय 40 डिग्री तापमान की गर्मी के बीच रोजे रखे जा रहे हैं। रमजान का पवित्र माह एक माह तक जारी रहेगा तथा महिला, पुरूषों एवं किशोर उम्र के बच्चें भी अकीदत के साथ रोजा रखकर खुदा की इबादत करेंगें।

इस्लाम मे रमजान के महीने को बहुत ही पवित्र माना जाता है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की रिवायतों से मालूम होता है जिसमे आपने अपने अनुयाइयों से कहा कि तुम्हारे ऊपर एक महीना आने वाला हैं जो बड़ी बरकतों का है।

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