अनदेखी:कोरोना कर्फ्यू बढ़ने के साथ ही सख्ती में आ रही कमी, सड़कों पर बढ़ने लगी चहल-पहल

आष्टा6 महीने पहले
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  • नगर के दो वार्डों के हॉटस्पॉट होने के बाद भी बाहरी लोगों का आना बेरोकटोक जारी

कोरोना मामले में जिले की सबसे संक्रमित तहसील आष्टा हो चुकी है। उसके बाद भी यहां पर पूरे दिन बाजारों में आवागमन बना रहता है। जबकि यहां के दो वार्ड हाॅट स्पॉट की श्रेणी में आ चुके हैं उसके चार मोहल्ले सील भी हो चुके हैं। उसके बाद भी लोग संक्रमण को लेकर लापरवाह है यह समझ से परे है। वहीं कलेक्टर ने लॉकडाउन को 10 मई तक बढ़ा दिया है,लेकिन जिस तरह से इसकी अवधि बढ़ाई जा रही है उसी तेजी से सख्ती में कमी आती जा रही है।

हालत यह है कि नगर में कई जगह बेरिकेड्स लगाए हैं, लेकिन अब वहीं यहां-वहां पड़े हुए हैं। इसी तरह नगर प्रवेश के दोनों नाकों पर सख्ती नहीं होने से बाहरी लोगों का आवागमन बना हुआ है। आष्टा विधानसभा क्षेत्र में इस समय कोरोना के मामले तेजी के साथ लगातार बढ़ रहे हैं। यहां तक की नगर के श्मशान घाट पर सुबह से शाम तक शवों का दाह संस्कार किया जा रहा है। इसी तरह कब्रिस्तानों में प्रतिदिन दफन किए जा रहे हैं।

इसके बाद भी लोग कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बाजारों में हालात यह है कि दुकानें बंद जरूर हैं, लेकिन लोगों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। वहीं प्रशासन ने अभी तक के लॉकडाउन में दूसरी बार की अवधिक के दौरान जरूर सख्ती दिखाई थी। जिससे लगा था कि नगर में कर्फ्यू अब लगा है। कोरोना संक्रमण की घातक हो चुकी दूसरी लहर में नगर में सबसे अधिक पॉजिटिव मरीज निकल रहे हैं।

यदि प्रशासन की मानी जाए तो दो वार्ड में ही 182 पॉजिटिव अब तक मिल चुके हैं। वहीं दर्जन भर से अधिक मौतें भी हो चुकी हैं। इसके बाद ही प्रशासन चेता तथा संक्रमित मोहल्लों को सील करने की कार्रवाई की गई। वहीं हाॅट स्पाट घोषित तो किया गया,लेकिन वहां पर कर्मचारियों की डयूटी नहीं लगाई गई है। जिससे लोग बैरिकेड्स के कुछ देर बाद ही उन्हें हटाकर आने-जाने लगे थे।

बैरिकेड्स किए क्षतिग्रस्त
नगर में प्रशासन के निर्देश पर बैरिकेडिंग की गई थी। इसमें पुरानी सब्जी मंडी, अस्पताल चौराहा, भोपाल नाका, पुराना बस स्टैंड आदि क्षेत्र में इन्हें अव्यवस्थित कर दिया है।बंद दुकानों में हो रहा शादियों का सीजननगर के प्रमुख बाजारों में इस समय व्यापारियों के दो पहलू देखे जा रहे हैं। एक तरफ प्रशासन को कोरोना को हराने में साथ देने का भरोसा दिलाया जा रहा है।

दूसरी तरफ बंद दुकानों के अंदर बिना सोशल डिस्टेंस के ग्राहकी की जा रही है। इनमें कपड़ा, सराफा, बर्तन की कुछ दुकानें शामिल हैं। जो संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। निगरानी के लिए कर्मचारी को बैठाकर रखते हैं।

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