जननी एक्सप्रेस बंद होने से मरीजों को परेशानी:समय पर नहीं पहुंची एंबुलेंस, अस्पताल के गेट पर प्रसव, जुड़वा बच्चों को दिया जन्म

बेगमगंजएक महीने पहले
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प्रसव के बाद परिजन के साथ प्रसूता। - Dainik Bhaskar
प्रसव के बाद परिजन के साथ प्रसूता।
  • जिले में जननी एक्सप्रेस बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को आ रही है परेशानी

जननी एक्सप्रेस सेवा बंद होने से प्रसूताओं के लिए अस्पताल तक लाना मुश्किल होने लगा है। 108 एंबुलेंस भी समय पर प्रसूताओं को लेने के लिए नहीं पहुंच पा रही है, जिससे प्रसूता महिलाओं को बेहाल होना पड़ रहा है।

ऐसी स्थिति में परिजनों को निजी साधनों से प्रसव के लिए महिलाओं को अस्पताल लेकर पहुंचना पड़ रहा है। निजी वाहनों की व्यवस्था करने में हो रही लेट लतीफी के चलते दो प्रसूताओं की जान पर आ गई। जैसे तैसे परिजन प्रसव के लिए अस्पताल लेकर पहुंच गए, लेकिन अस्पताल में घुसने से पहले ही गेट पर डिलीवरी हो गई। इस महिला ने अस्पताल के गेट पर दो जुड़वा बच्चों का जन्म दिया है।

जननी वाहन न आने के कारण निजी वाहन से ले जाना पड़ा महुना गुर्जर निवासी रंजना बाई पत्नी पर्वत सिंह गुर्जर 24 साल को प्रसव पीड़ा प्रारंभ हुई तो परिजनों ने जननी एक्सप्रेस के लिए फोन लगाया। वाहन नहीं आने पर परिजन सोमवार रात 8 बजे महिला को निजी वाहन से अस्पताल लेकर पहुंचे। इसी दौरान अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही डिलीवरी हो गई। जुड़वा बच्चों का जन्म के बाद नर्सों ने जच्चा और दोनों बच्चाें इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया। दोनों बच्चों का वजन कम होने पर उन्हें रायसेन रेफर कर दिया।

नहीं पहुंचा जननी वाहन, घर पर ही हो गई डिलीवरी
महुआखेड़ा निवासी हल्के आदिवासी की पत्नी नेहा को डिलीवरी के लिए अस्पताल ले जाने जननी एक्सप्रेस को घंटों तक फोन लगाते रहे। चार घंटे तक इंतजार वाहन आने का इंतजार करते रहे, लेकिन वाहन नहीं आया तो घर पर ही डिलीवरी हो गई। बच्चे के मुंह से ब्लडिंग होने से परिजन प्राइवेट वाहन करके जच्चा और बच्चे को लेकर अस्पताल लेकर पहुंचे। इसको भी डाॅक्टर ने चेक करने के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

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