पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

तैयारी:प्रशासन ने बाढ़ से निपटने बनाई योजना, दीं जिम्मेदारी

ब्यावरा6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • शहर में अजनार और गांवों में पार्वती नदी के उफान पर आने से प्रभावित होते हैं लोग

ब्यावरा विकासखंड में बहने वाली अजनार और पार्वती नदी बारिश के दिनों में उफान पर आ जाती हैं। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसके चलते बारिश की समय ब्यावरा का शहरी और सुठालिया का ग्रामीण क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आने की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ एवं अतिवृष्टि को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है और एक बैठक कर पटवारी, पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी, चौकीदार, नपा कर्मी, पुलिस, होमगार्ड आदि को जिम्मेदारी सौंपी हैं।

इस बैठक में एसडीएम जूही गर्व के साथ ही राजस्व, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, नपा, आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इन इलाकों में होती है जलभराव की समस्या: अजनार नदी का ब्यावरा के तटीय क्षेत्र जिसमें वार्ड क्रमांक 1 मुल्तानपुरा, हाथीखाना, रामलीला वार्ड का पश्चिम क्षेत्र जो नदी के किनारे पर स्थित है, पंचमुखी मैदान सहित नदी किनारे का अन्य क्षेत्र प्रतिवर्ष जलमग्न हो जाता है।

ब्यावरा के मध्य से निकलने वाले नाले जो बुनियादी स्कूल के पीछे वाले क्षेत्र में खटीक की पुलिया पर होते हुए शहर के मध्य से होकर निकलता है वह वार्ड क्रमांक 10, 12 एवं 13 के नाले के किनारे वाले रहवासी क्षेत्र को प्रभावित करता है अधिक बारिश होने पर तालाब की पाल वाला क्षेत्र सिलावट मोहल्ला भी जलमग्न हो जाते हैं। इधर सुठालिया में नाले के पानी से वार्ड क्रमांक 1 शंकरपुरा, खंदी, बस स्टैंड के पीछे का स्थान, परलापुरा में नाले का पानी भर जाने से समस्या होती है।

रहने, खाने की सौंपी जिम्मेदारी
एसडीएम ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति में लोगों के रहने और खाने, स्कूल और पंचायत भवनों में लोगों को ठहराने, नदी के पुलों पर बैरिकेडिंग करने, तैराक, नाव, रस्सी, राशन, बिजली, स्वास्थ्य आदि का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

खबरें और भी हैं...