पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

ऐसे थे बाऊजी...:गांवों में नहीं था हायर सेकंडरी स्कूल, बिना सरकारी मदद के श्रमदान से बनवा दिया

ब्यावरा11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दिवंगत विधायक श्रीदांगी को अंतिम विदाई देने जिले भर से और पड़ोसी जिलों से भी लोग पहुंचे थे। शाम करीब छह बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया।
  • ब्यावरा के कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी का निधन, 27 दिन पहले कोरोना हुआ था, कोरोना से नहीं मानी जा रही मौत

दिवंगत विधायक गोवर्धन दांगी सादगी के साथ समाज के लिए काम करने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। शिक्षा, समाज और पर्यावरण उनकी विशेष रुचि के विषय रहे हैं। बात तब की है उनके पैतृक गांव के आसपास कोई हायर सेकंडरी स्कूल नहीं था। पंचायत मुख्यालय मोर्चाखेड़ी के तीनों गांवों सुन्दरहेड़ा, खजूरिया और मोर्चाखेड़ी के ज्यादातर बच्चों (खासकर बालिकाओं) की पढ़ाई 10वीं कक्षा के बाद बंद हो जाती थी। बच्चे आगे पढ़ाई कर सकें इसके लिए उन्होंने वर्ष 2000 में बिना सरकार से बिना एक रुपए का सहयोग लिए सुन्दरहेड़ा, खजुरिया और मोर्चाखेड़ी गांव के बीच श्रमदान से हायर सेकंडरी स्कूल की इमारत बनवा दी। इन गांवों के नाम के प्रथम अक्षरों को जोड़कर इसे “सुखमो” हायर सेकंडरी स्कूल नाम दे दिया। बाद में सरकार ने भवन को देखकर इसे हाईस्कूल से हायर सेकंडरी में प्रोन्नत कर दिया और तीन गांवों के बच्चों की आगे की पढ़ाई का मार्ग प्रशस्त कर दिया। ऐसे कई किस्से हैं जिनके लिए दिवंगत बाऊजी याद किए जाएंगे।

नर्मदा यात्रा का फल...टिकट मिला और पहली बार विधायक बने

{विधायक गोवर्धन दांगी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के करीबी थे। विधानसभा चुनाव 2018 के पहले दिग्विजय सिंह ने जो नर्मदा परिक्रमा की थी। उसमेंं श्री दांगी पूरे 6 माह उनके साथ रहे। इसके बाद उनको ब्यावरा से पहली बार टिकट मिला। 826 वोट से जीत हासिल कर विधायक बने।

{ब्यावरा महाविद्यालय में 1977 में वे सह सचिव निर्वाचित हुए। यहीं से उनकी राजनीतिक पारी की शुरू हुई। वे कांग्रेस पार्टी में सक्रिय रहे। 1995 में जनपद सदस्य बने। 1999 में उन्हें ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बनाया। 2010 से 2015 तक वह ब्यावरा मंडी के उपाध्यक्ष भी रहे।

{ वे पिछले 25 साल से गायत्री परिवार से जुड़े थे। कई सालों से पंचमुखी गोशाला मंदिर समिति के अध्यक्ष थे। वे 2016 से दांगी समाज के ब्यावरा ब्लॉक अध्यक्ष थे। उन्होंने मोर्चाखेड़ी गांव में प्लांटेशन कराकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था।

कॉलेज का चुनाव लड़ने तक राजी नहीं थे
शहर के समाजसेवी पूर्व छात्र नेता नारायणलाल गोयल ने बताया कि श्री दांगी वर्ष 1974 में ब्यावरा शासकीय महाविद्यालयीन के छात्र थे, तब वे छात्र नेता बनने के लिए तक तैयार नहीं थे। उन्हें उस समय के कॉलेज के छात्र नेताओं ने छात्र राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया था, तब वे 1974 में उन्होंने ने चुनाव लड़ा और सहसचिव बने।

बचपन की दोस्ती थी, हर चुनाव में साथ दिया
विधायक स्व. दांगी के बचपन के दोस्त पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचंदर दांगी का विधायक दांगी ने हर चुनाव में पूरा साथ दिया, इसलिए पूर्व जिलाध्यक्ष ने भी उन्हें आगे रहकर सभी चुनाव लड़वाए और वे जीतें भी। रामचंदर दांगी ने बताया विधायक श्री दांगी भले ही मुझसे उम्र में 10 साल बढ़े थे लेकिन हमारी बचपन से ही गहरी मित्रता थी।

‘प्रचार में कभी-कभी एक ही चारचाई पर बैठक चाय पी, एक ही गाड़ी में प्रचार पर हंसने लगते थे’

नारायण सिंह पवार, पूर्व विधायक, भाजपा से प्रत्याशी रहे
विधानसभा चुनाव मैं और गोवर्धन अलग-लग पार्टी से लड़े लेकिन हमारे बीच कोई द्वेष या मनमुटाव नहीं रहा। प्रचार के दौरान कीलखेड़ा, लखनवास और सुठालिया में प्रचार के दौरान एक साथ बैठकर एक ही खटिया (चारपाई) पर चाय पी। हम दोनों एक दूसरे के काफी निकट भी रहे, प्रचार के दौरान हम एक-दूसरे से कहते थे, कि क्यों न हम दोनों एक ही गाड़ी से प्रचार के लिए निकले और उसमें एक तरफ वे कांग्रेस का झंडा लगाकर आप बैठो और दूसरी तरफ भाजपा का झंडा बांधकर मैं बैठ जाता हूं। इस पर सब ठहाके लगाते थे।

अंतिम यात्रा में शामिल हुए जिलेभर से लोग

विधायक स्व. दांगी को मंगलवार शाम 6 बजे उनके पैतृक गांव में पुत्र विश्वनाथ दांगी ने मुख्याग्नि दी। इससे पहले पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। अंतिम यात्रा में चांचौड़ा विधायक लक्ष्मणसिंह, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री प्रियव्रतसिंह खींची, विधायक बापूसिंह तवर, भाजपा जिलाध्यक्ष दिलवर यादव, पूर्व विधायक नारायणसिंह पवार, हेमराज कल्पोनी, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचंदर दांगी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश पुरोहित, कलेक्टर नीरज सिंह भी शामिल हुए।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज का दिन पारिवारिक व आर्थिक दोनों दृष्टि से शुभ फलदाई है। व्यक्तिगत कार्यों में सफलता मिलने से मानसिक शांति अनुभव करेंगे। कठिन से कठिन कार्य को आप अपने दृढ़ विश्वास से पूरा करने की क्षमता रखे...

और पढ़ें