लोक अदालत 11सितंबर को, समझौते से होगा मामलों का निराकरण:लोक अदालत में अधिक से अधिक सिविल और क्रिमिनल प्रकरणों का कराएं निराकरण

चंदेरी3 महीने पहले
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नेशनल लोक अदालत का आयोजन 11 सितंबर को किया जाएगा। लोक अदालत में न्यायालय में लंबित मामलों का निराकरण आपसी राजीनामे के आधार पर किया जाएगा। अदालत में आपराधिक प्रकारण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के तहत चैक बाउंस प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के मामले, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण के प्रकण, बिजली एवं जलकर के अलावा बिल संबंधी प्रकरण आदि का निराकरण आपसी राजीनामे से किया जाएगा। इसके अलावा न्यायालय में लंबित, दीवानी मामले तथा बैंक रिकवरी, जलकर एवं बिजली संबंधी पूर्ववाद प्रीीलिटिगेशन आदि राजीनामा योग्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में रखा जाना है।

लोक अदालत की तैयारियों के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सविता दुबे के निर्देश पर न्यायालय परिसर में अभिभाषक संघ के साथ मीटिंग की गई। इसमें अधिक से अधिक सिविल एवं क्रिमिनल प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे से किया जाएगा। मीटिंग में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण प्रताप सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार अहिरवार, अंशुल जैन एवं सुश्री शालिनी भंडारी उपस्थित रहे। अधिवक्ता संघ की ओर से दीपक श्रीवास्तव, अंशुल श्रीवास्तव, अशोक चौरसिया, इदरीश खान पठान, अरविंद पंडा, गौरव कुमार कुमरेश, तनवीर जाफरी सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।

नेशनल लोक अदालत 11 सितंबर को, आपसी राजीनामे से कराएं प्रकरणों का निराकरण

मुंगावली | न्यायालय परिसर में 11 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत की तैयारियों को लेकर शनिवार को न्यायालय परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता न्यायाधीश अंबुज श्रीवास्तव ने की। बैठक में न्यायाधीश राकेश सिंह, आकाश शर्मा, अभिषेक दीक्षित एवं अभिभाषक संघ मुंगावली के अध्यक्ष शान मियां, एडवोकेट अशोक कुमार जैन, मुकेश सिंघई, अभय सराफ, अमर सिंह नरवारिया, रितेश मोदी, आनंद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। मीटिंग में न्यायाधीश श्री श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे से कराएं। इसमें चैक बाउंस, वैवाहिक एवं पारिवारिक, प्राइवेट परिवादों का निराकरण प्राथमिकता से किए जाने पर जोर दिया। मीटिंग में उक्त प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण के लिए अभिभाषक संघ द्वारा सहमति प्रकट की गई।

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