उपार्जन केंद्र:जिन किसानों ने 28 मार्च तक ऋण राशि कर दी थी जमा, उनकी भी 50% राशि काटी गई

गंजबासौदा6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर तानाशाही रोकने की मांग

भारतीय किसान संघ ने गुरुवार को एसडीएम राजेश मेहता को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि सहकारी बैंक की तानाशाही से किसानों को मुक्त कराया जाए। संघ ने कहा कि जिन किसानों ने 28 मार्च तक अपना ऋण जमा करा दिया था। उपार्जन केंद्रों पर उनकी भी राशि 50 प्रतिशत काटी जा रही है।

वह राशि न तो केसीसी ऋण खाते में जमा हो रही है और न ही किसान के सेविंग खाते में जमा हुई है। किसान के खातों पर होल्ड लगाया गया है। इससे प्रतीत होता है कि सहकारी समितियां किसानों से ऐसा व्यवहार कर रही हैं इससे लगता है कि वह किसानों को डिफाल्टर करने का षड्यंत्र कर रही हैं। ज्ञापन में अभी मांग की गई है कि वर्तमान में किसानों ने उपार्जन केंद्र पर जो गेहूं बेचा है न तो उसका भुगतान अब तक हुआ है। इसी प्रकार कृषि मंडियों बंद होने के कारण किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहा है।

ऐसे में किस प्रकार वह जीरो ब्याज पर मिले ऋण की अदायगी 30 अप्रैल तक कैसे कर पाएगा। इसलिए ऋण अदायगी की तारीख बढ़ाकर 30 मई की जाए। इससे किसान अपना ऋण जमा करा सकें। संघ ने कहा है कि शनि मंदिर के पास सरकारी वेयर हाउस का निर्माण कराया जा रहा है।

उसी भंडारण के लिए किसानों को उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही किसानों को सहकारी बैंक की तानाशाही से मुक्त कराया जाए। 2021 कि जो मुआवजा राशि शेष है उसे किसानों को तत्काल दिया जाए। ज्ञापन की कॉपी संघ ने कलेक्टर को भी दी है।

खबरें और भी हैं...