गेहूं खरीदी:सायलो केंद्र में नहीं बची जगह, अब समितियों पर होगी गेहूं की तुलाई

गंजबासौदा6 महीने पहले
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  • पिछले साल का स्टॉक भरा, अगर खाली नहीं किया तो अगले साल तुलाई नहीं होगी

शेष किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं अब संबंधित सहकारी समितियों पर तौला जाएगा। गमाखर गांव स्थित सायलो केंद्र को बंद कर दिया गया है। इस केंद्र की भराव क्षमता अनुसार ने गेहूं की तौल हो चुकी है। इस केंद्र पर अतिरिक्त गेहूं रखने के लिए न तो जगह है न उसके पास बैग मौजूद हैं।

वर्तमान में भी केंद्र से सटी जमीन को किराए पर लिया गया है। तब कहीं इस साल इन सोसायटियों से संबंध किसानों का गेहूं की तौल हो पाई है। पिछले साल का भी स्टॉक इस केंद्र पर रखा हुआ है। यदि वर्तमान में रखे गए गेहूं को यहां से नहीं उठाया गया तो अगले साल केंद्र पर किसानों के गेहूं की तौल नहीं कराई जा सकेगी।

शेष किसानों का संबंधित सोसाइटी ऊपर लिया जाएगा: इसके अंदर से बासौदा तहसील की 10 और नटेरन तहसील की 4 प्राथमिक सहकारी समितियों के किसानों को जोड़ा गया था। लेकिन केंद्र बंद होने तक काफी किसान अपने गेहूं की तुलाई नहीं करा पाए। किसानों से कहा गया है। अपना गेहूं संबंधित प्राथमिक सहकारी समिति पर ही बेचें।

क्योंकि वर्तमान में भी काफी किसान अपना गेहूं बेचने से वंचित रह गए हैं। जिन्होंने इन सोसायटियों में अपना पंजीयन कराया था।90 हजार मीट्रिक टन स्टॉक: वर्तमान में सायलो केंद्र पर पिछले साल और वर्तमान खरीद का मिलाकर करीब 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं रखा है। पिछले साल जो गेहूं किसानों का खरीदा गया था। वह रखा हुआ है।

नाफेड द्वारा उसका परिवहन नहीं कराया गया। इसके कारण ही केंद्र पर इस साल जगह कम पड़ गई। यदि जगह किराए पर नहीं मिल पाती तो। इस बार केंद्र पर वर्तमान खरीदी से आधा गेहूं डंप हो पाता। यह फायदा: सोसाइटी पर किसान को गेहूं बेचने में मशक्कत करना पड़ती है। पाला लगाने से तुलाई तक एक किसान को काफी समय लगता है।

तुलाई के लिए 7 दिन तक खड़ा रहना पड़ता है। लेकिन सायलो केंद्र पर नंबर आते ही किसान पूरे कामकाज से सिर्फ आधे घंटे में फ्री हो जाता है। यही कारण है कि अब किसान भी समर्थन मूल्य के लिए विकासखंड में ऐसे 3 केंद्र बनाने की मांग कर रहे हैं।

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