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  • 8 Years Ago, In The Second Week Of November, The Night Temperature Reached 100, Now The Northern Wind Moved, So The Temperature Dropped To 10.60 In The 40s.

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तापमान:8 साल पहले नवंबर के दूसरे हफ्ते में 100 पहुंचा था रात का पारा, अब उत्तरी हवा चली तो तापमान 40 लुढ़ककर 10.60 पर आया

गुना7 दिन पहले
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शनिवार को रात का तापमान पिछले दिन के मुकाबले 4 डिग्री गिरकर सीजन में पहली बार 10.6 डिग्री पर आ गया। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद दो दिन के भीतर न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री की गिरावट आ चुकी है। बीते 10 साल के दौरान नवंबर में यह तीसरा मौका है जब पारा 10 डिग्री के दायरे में पहुंचा हो। वहीं दिन का पारा लगातार तीसरे दिन 25 डिग्री के दायरे में ही रहा। हालांकि पिछले दिन के मुकाबले अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री का इजाफा हुआ। रात में तापमान में गिरावट की वजह है कि उत्तर से आ रही हवा, जिनमें नमी कम होती है और ठंडक ज्यादा। हवा की रफ्तार भी 8 से 10 किमी प्रति घंटा रही। जहां दिन में नमी 80 फीसदी थी, वह गिरकर 60 पर आ गई। इसी तरह शाम की नमी 53 से 47 फीसदी पर आ गई। नम हवा के मुकाबले सूखी हवा तेजी से गर्म या ठंडी होती है। इसलिए सूर्यास्त होने के बाद तेजी से पारा नीचे गिरने लगता है। दिन में धूप खिलने के बाद भी तापमान के न बढ़ने की वजह है उत्तर से आ रही ठंडी हवा। इसके अलावा सूर्य दक्षिणायन हो गया है, जिससे उसकी किरणे धरती पर तिरछी पड़ रही है। इसकी वजह से धरती की सतह और इसके संपर्क में आने वाली हवा, दोनों ही गर्म नहीं हो पाते।

इस मौसम से फसलों को तीन फायदे : जमीन नम रहेगी तो कम सिंचाई की होगी जरूरत, ग्रोथ होगी, कीटों का प्रकोप रुकेगा

इस गिरते पारे से फसलों को फायदा

ओस की नमी : कृषि विभाग का कहना है कि तेज ठंड की वजह से ओस पड़ने लगती है। यह खेतों को नम रखती है। इस बार कम बारिश की वजह से वैसे ही धरती पूरी तरह सूखी हुई है। ओस से इसमें नमी बढ़ेगी। इस बार किसानों ने चना, सरसो जैसी कम पानी वाली फसलें बोई हैं। उनके लिए यह नमी भी बहुत जीवनदायी साबित होगी।

बिजली की बचत : अगर धरती नम बनी रहेगी तो किसानों को पानी भी कम ही देना होगा। इससे बिजली व डीजल की बचत होगी। इस बार किसान पहले से ही खरीफ सीजन में पिटे बैठे हैं। बारिश ठीक से न होने की वजह से सोयाबीन को काफी नुकसान हुआ था।

कीटनाशक की बचत : रबी सीजन में किसानों को चना की फसल पर कीटों के प्रभाव की सबसे ज्यादा चिंता रहती है। इस बार इस फसल का रकबा ज्यादा है तो चिंता भी बढ़ी है। तापमान कम रहने से कीटों का प्रभाव भी कम रहता है। अगर जल्दी ठंड पड़ती है तो रबी सीजन संभल सकता है।​​​​​​​

आगे क्या
मंगलवार के बाद तापमान बढ़ने की संभावना :
अभी दो दिन तापमान में और गिरावट की संभावना है। इसके बाद तापमान में वृद्धि का सिलसिला शुरू होगा। उत्तर भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के हालात बन रहे हैं। जब तक यह सक्रिय रहेगा तब तक अंचल में बादल की आवाजाही और रात व दिन के तापमान में वृद्धि का रुख रहेगा। इस दौरान हवा का रुख भी उत्तर की जगह दक्षिण-पश्चिमी या उत्तर-पूर्वी होने की संभावना रहेगी।​​​​​​​

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