राजस्थान के अटरू से बमोरी के सहरिया परिवार को मोर्चा:बंधुआ परिवार मुक्त ... 12 साल के बच्चे को मां से अलग रखकर एक साल मजदूरी कराई

गुना2 महीने पहले
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बमोरी सहित जिले के अन्य इलाकों में रहने वाले सहरिया जनजाति के लाेगाें से जबरन बंधुआ मजदूरी कराने का एक और मामला सामने आया है। इन लोगों को राजस्थान के बारां जिले की अटरू तहसील के गांव महेशपुरा में बंधक बनाकर रखा गया था। दबंग किसान भगवान मीना ने 30 हजार रुपए के ऐवज में पति-पत्नी के साथ उनके 12 साल के बेटे को भी जबरन मजदूरी में लगा दिया था। हाल यह था कि मां और पिता एक गांव में काम करते थे तो बेटा दूसरे गांव में मजदूरी करता था। मुक्त होने के बाद बेटे ने बताया कि वह पूरे एक साल बाद अपनी मां व पिता को देख रहा है। बंधुआ मुक्ति मोर्चा के नरेंद्रसिंह भदौरिया ने बताया कि गुना तहसील के तहत आने वाले ग्राम सोंठी में रहने इस सहरिया परिवार की एक बुजुर्ग सदस्य ने उनसे संपर्क किया था। इसके बाद हमने राजस्थान की पुलिस की मदद से उक्त परिवार को बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि दबंग किसान 30 हजार के बदले 70 हजार रुपए की मांग कर रहा था। इसकी जानकारी वहां से प्रशासन को दी गई।

100 से ज्यादा दबंगों ने की थाने की घेराबंदी

सोमवार शाम को भास्कर से चर्चा करते हुए श्री भदौरिया ने बताया कि वे परिवार के साथ अटरू के थाने में हैं। जबकि बाहर दबंग किसानों के 100 से ज्यादा लोग निगरानी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में चुनाव के चलते पुलिस बल व्यस्त है। हमने अटरू के एसडीएम दिनेश कुमार मीणा सहित अन्य अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे संगठन के सदस्यों व परिवार को राजस्थान से सुरक्षित निकालने का इंतजाम करें।

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