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एक साल में क्या बदल गया सरकार?:कांग्रेस नेता जयवर्धन बोले- जब हम अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की बात कहते थे तो शिवराज सिंह विरोध में राज्यपाल से मिले थे; अब उन्होंने ही वही निर्णय ले लिया

गुना3 महीने पहले
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कांग्रेस कार्यालय में दावेदारों से मिलते जयवर्धन सिंह - Dainik Bhaskar
कांग्रेस कार्यालय में दावेदारों से मिलते जयवर्धन सिंह

गुना। पूर्व मंत्री एवं राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से निकाय चुनाव कराने को लेकर सरकार पर तंज कैसा है। जयवर्धन सिंह ने कहा की आखिर एक साल में आखिर ऐसा क्या हो गया हो गया की भाजपा को अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का निर्णय लेना पड़ा। कमलनाथ सरकार के समय जब ये निर्णय हुआ था तो भाजपा के लोग इसका विरोध कर रहे थे। तब शिवराज सिंह नेताओं के साथ इस निर्णय के खिलाफ राज्यपाल से मिलने गए थे और अब खुद ही वही निर्णय कर लिया है।

जयवर्धन सिंह ने कहा की निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत जिले में आज निकाय चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की गयी है। कांग्रेस का कार्यकर्त्ता हर वार्ड में हर गली में मौजूद है। आने वाले चुनाव में किस प्रकार से तैयारी करनी है, इसको लेकर कुछ बात हुई है। गुना में कई कद्दावर कार्यकर्त्ता हैं, इन्हे लेकर हम चुनाव में उतरेंगे।

गुना में निकाय चुनावों में कांग्रेस के मुद्दों के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा की सबसे बड़ा मुद्दा तो महंगाई का ही है। सब जानते थे की पेट्रोल तो १०० रूपये प्रति लीटर के ऊपर पहुँच जायेगा , लेकिन किसी ने भी यह उम्मीद नहीं की थी की एक ऐसा दिन आएगा जब डीजल के रेट 100 रूपये से ऊपर हो जायेंगे। सभी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। शहरी क्षेत्र में सबसे बड़ा मुद्दा गरीबों को मिलने वाली कुटीरों का है। गुना में 17 हजार ऐसे लोग हैं जिनको सात-सात वर्ष पहले कुटीर स्वीकृत हो गयीं , लेकिन अभी तक उनको राशि नहीं मिली। वे अब दर-दर भटक रहे हैं। ये 17 हजार हितग्राही पात्र तो पाए गए हैं, लेकिन इनके आवेदन अभी तक पेंडिंग पड़े हुए हैं।

जयवर्धन ने कहा की कांग्रेस द्वारा किये जा रहे आन्दोलनों को दबाने की कोशिश की जाती है। कांग्रेस या इसका जनसंगठन कोई प्रदर्शन या आंदोलन करता है तो उस जगह को पुलिस छावनी में बदल दिया जाता है। पिछले कई दिनों में पुलिस का यही रवैया रहा है। इस सम्बन्ध में SP से चर्चा करूँगा। यह भाजपा सरकार की बौखलाहट है। कांग्रेस उन मुद्दों पर लड़ाई लड़ रही है जो सीधे जनता से जुड़े हुए हैं। ये मुद्दे आम आदमी के हैं। अगर आम आदमी के सवाल उठाये जाते हैं तो उनमे बेफजूल पुलिस का उपयोग करना गलत बात है।

अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने पहुंचे नेता
गुरुवार को कांग्रेस कार्यालय में हुई इस बैठक में नेताओं ने निकाय चुनावों को लेकर अपनी दावेदारी पेश की। वे सभी अपने साथ अपना-अपना बायो-डाटा लेकर पहुंचे। हालाँकि कांग्रेस किन मापदंडों को ध्यान में रखकर चुनाव में टिकट वितरण करेगी, यह अभी साफ़ नहीं हो पाया है। पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार कांग्रेस को टिकट बांटने में थोड़ी सहूलियत जरूर होगी , क्योंकि पिछले चुनावों में ज्योतिरादित्य सिंधिया का हस्तक्षेप हमेशा ज्यादा रहता था। उनके ही अनुरूप अधिकतर फैसले लिए जाते थे, लेकिन इस बार परिदृश्य एकदम अलग रहेगा।

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