परिनिर्वाण दिवस:शोषित वर्ग का आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान करना ही था डॉ. अंबेडकर का लक्ष्य

गुनाएक महीने पहले
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  • सामाजिक संस्थाओं ने कार्यक्रम आयोजित कर डॉ. भीमराव अंबेडकर को किया याद

संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव अंबेडकर की 66वीं पुण्य तिथि पर संगठनों, सामाजिक संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित कर उनके योगदान को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। जिला मुख्यालय पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने डॉ. अंबेडकर का बाबा साहब का परिनिर्वाण दिवस आज सिंगवासा पार्क में मनाया। इस बीच संगठन के समस्त पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला व संविधान की रक्षा करने की बात कही और शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो नारे को मजबूत करने की बात कही।इस अवसर पर ग्वालियर संभाग से संभागीय महासचिव अक्षय सगर एवं विशिष्ट अतिथि हरवीर देलबार, जिला महासचिव आशा जाटव, महिला विंग जिलाध्यक्ष शिवसिंह पाटिल, जिला कोषाध्यक्ष एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवाेकेट राजपाल जाटव जिलाध्यक्ष ने की। अंबेडकर मांगलिक भवन में संविधान शिल्पी डाॅ. अंबेडकर काे उपस्थितजनों के द्वारा माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष आलोक नायक, अजाक्स संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रमेश अहिरवार आदि थे।

सामाजिक नवजागरण के अग्रदूत थे अंबेडकर
कुंभराज। अभाविप के कार्यकर्ताओं ने कालेज में अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। नगर अध्यक्ष देवेंद्र मीणा ने कहा कि शिक्षित बनो और संघर्ष करो, डॉ. अंबेडकर सामाजिक नवजागरण के अग्रदूत समतामूलक समाज के निर्माता आधुनिक भारत के शिल्पकार थे, उनके सामाजिक समानता के मिशन के केंद्र में समाज के कमजोर मजदूर महिलाएं थी। जिन्हें वे शिक्षा और संघर्ष में सशक्त बनाना चाहते थे। उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य था समाज के शोषित वर्गों को न्याय दिलाना।

डॉ. अंबेडकर की अद्वितीय प्रतिभा अनुकरणीय
आरोन| अभा विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मुख्य बाजार में डाॅ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर संगोष्ठी व पुष्पांजलि सभा आयोजित की। इस अवसर पर नगरमंत्री मिथुन शर्मा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर की अद्वितीय प्रतिभा अनुकरणीय है वे एक मनीषी, योद्धा, नायक, विद्वान, दार्शनिक, वैज्ञानिक, समाजसेवी एवं धैर्यवान व्यक्तित्व के धनी थे। कॉलेज उपाध्यक्ष समर्थ जैन ने कहा है कि अंबेडकर भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माता थे।

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