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14 माह बाद सुकून:गुना कोरोना मुक्त, अब एक भी एक्टिव केस नहीं, 2 जुलाई को मिला था आखिरी संक्रमित

गुना20 दिन पहले
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पीजी कॉलेज में तैयार आस्थाई 90 ऑक्सीजन बेड का कोविड केयर सेंटर। बेहतर हो कि इसका इस्तेमाल न करना पड़े। - Dainik Bhaskar
पीजी कॉलेज में तैयार आस्थाई 90 ऑक्सीजन बेड का कोविड केयर सेंटर। बेहतर हो कि इसका इस्तेमाल न करना पड़े।
  • कोरोना के बाद की परेशानी से जूझ रहे 15 मरीज अस्पताल में भर्ती

बुधवार को गुना जिला कोरोना मुक्त हो गया। यानि अब जिले कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं बचा है। आखिरी मरीज मंगलवार देर शाम को स्वस्थ्य घोषित कर दिया गया। अस्पताल में 15 दिन से कोई मरीज भर्ती था ही नहीं। करीब 14 माह बाद यह दिन देखने मिला है। अप्रैल 2020 तक जिला कोरोना मुक्त रहा, क्योंकि तब तक एक भी केस नहीं आया था। 7 मई 2020 को पहला पॉजिटिव केस मिला और उसके बाद जिले में एक्टिव मामले बने ही रहे। इसके बावजूद कोरोना ने सेहत इतनी बुरी तरह खराब की है कि अब भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पा रहे हैं। जिला अस्पताल के पोस्ट कोविड वार्ड में अब भी 15 मरीज अपना इलाज करा रहे हैं। इनमें से ज्यादा अप्रैल माह के दौरान संक्रमित हुए और तब से ही उनका इलाज चल रहा है। उन्हें छुट्‌टी दी गई लेकिन घर पर कुछ ही दिन में फिर से तबियत बिगड़ने लगी। इससे कई गुना ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनको कम गंभीर पोस्ट कोविड समस्याएं बनी हुई हैं।

जुलाई : 19331 जांच, एक पॉजिटिव
कोविड की दूसरी लहर का चरम अप्रैल था और मई के अंतिम 10 दिनों में सुधार के लक्षण दिखाई देने लगे थे। जून में लगातार गिरावट रही और जुलाई में स्थिरता आ गई। इस माह में अब तक सिर्फ एक केस 2 जुलाई को रिपोर्ट हुआ था। अच्छी बात यह है कि अकेले इस माह में अब तक 19 हजार 331 जांच की जा चुकी हैं। अगर यह आंकड़ा नहीं बदला तो कोविडकाल का यह तीसरा सबसे सुकून वाला माह होगा। इससे पहले 2020 के मार्च और अप्रैल माह इस श्रेणी में थे, जब एक भी केस रिपोर्ट नहीं हुआ। मई में 3 केस मिलने के साथ ही कोरोना महामारी ने जिले में अपनी जड़ जमा लीं।

चेतावनी
दूसरी लहर के पहले का सुकून देने वाले फरवरी 2021 को न भूलें

ज्यादातर विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि कोरोना की दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवी लहर भी आ सकती हैं। सबसे करीबी लहर अगस्त से अक्टूबर के बीच कभी भी सामने आ सकती है। फिलहाल जो ट्रेंड वह पहली व दूसरी लहर के बीच के समय के दिख रहे हैं। पहली लहर सितंबर में चरम पर पहुंची और दिसंबर से ढलान पर आना शुरू हुई।

इस दौरान फरवरी माह आया, जिसमें संक्रमितों की संख्या अचानक गिरकर 15 पर आ गई। इस दौरान माना जा रहा था कि हमने कोरोना को हरा दिया। फिर मार्च में संक्रमितों की संख्या एकदम 11 गुना बढ़ गई। और फिर आया भयावह अप्रैल ... जिसमें मौत का ऐसा तांडव मचा जिसे बीती तीन पीढ़ियों ने नहीं देखा था। उम्मीद है कि जुलाई 2021 के बाद अगस्त 2021 वैसा नहीं होगा, जैसा कि मार्च 2021 रहा।

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