धर्म में तकनीक / ईद की नमाज घर पर कैसे पढ़ें, इसके लिए लगेंगी ऑनलाइन क्लास

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  • कोविड 19 को लेकर पहली बार ईदगाह मैदान पर सामूहिक नमाज नहीं होगी।

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

गुना. कोविड 19 को लेकर पहली बार ईदगाह मैदान पर सामूहिक नमाज नहीं होगी। सिर्फ मस्जिदों में प्रतीकात्मक रूप से इबादत होगी। कोरोना काल में जिस तरह घरों में इबादत हो रही थी, ठीक उसी तरह ईद की नमाज भी अदा की जाएगी। इसके अरकान आम नमाज से अलग होते हैं। इसलिए इसका तरीका सिखाने के लिए ऑनलाइन क्लास लगेगी। नमाज कैसे पढ़ी जाती है, इस दौरान किन चीजों का ख्याल रखा जाता है। खुत्बा कैसे पढ़ा जाता है? यह लोगों को घर बैठे ही सिखाया जाएगा। शहर काजी नूरउल्ला युसूफ जई ने कहा कि देशहित में पहली बार मुस्लिम समाज ईद की सामूहिक नमाज नहीं पढ़ेगा। क्योंकि कोरोना काल चल रहा है, इस समय पूरी सावधानी रखी जानी है। इसे देखते हुए तय किया है कि कोई ऐसे आयोजन न किए जाएं, जिससे सामाजिक दूरी, कोविड 19 की गाइड लाइन का उल्लंघन हो।  
3 दिन  नमाज का तरीका बताएंगे : शहर काजी ने बताया कि ईद की नमाज के अरकान अलग होते हैं। यह साल में एक बार पढ़ी जाती है। इसलिए लोगों को 3 दिन में ईद की नमाज पढ़ने का तरीका सिखाया जाएगा। इसमें कितनी रकात होती है, कितनी तकबीर होती है, कब खुत्मा पढ़ा जाता है। नमाज का समय कब से लेकर कब तक होता है। कैसे सजदा करना है और कैसे रुकू करना है। यह सारे तरीके सिखाने के लिए ऑनलाइन क्लास लगेगी। मोहल्ले, कालोनी के लोगों का ग्रुप बनाया जाएगा, फिर इसमें नमाज के पूरे अरकान भेजे जाएंगे। वहीं हर मस्जिद के इमाम से भी कहा है कि वह लोगों को नमाज के तरीके ऑनलाइन सिखाएं। शहर काजी ने लोगों से अनुरोध किया है कि वह घबराएं न, नमाज घर पर भी हो सकती है। 
पहला मौका जब समूह में नहीं होगी ईद की नमाज : कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सुरक्षा और सतर्कता रखी जाएगी। प्रशासन ने शांति समिति की बैठक बुलाई थी। इसमें मुस्लिम समाज के लोगों से चर्चा की और कहा कि कोविड 19 के चलते सुरक्षा और सतर्कता रखनी है। इसलिए सामूहिक रूप से कोई आयोजन नहीं होंगे? ईद की नमाज भी जुमे की नमाज की तरह घरों पर अदा की जाएगी। सिर्फ मस्जिदों में आम दिनों में होने वाली इबादत की तरह प्रतीकात्मक रूप से ईद की नमाज होगी। 

अलविदा जुमा ईद की तरह घरों में पढ़ा जाएगा

पवित्र माह रमजान का अलविदा जुमे की नमाज आज पढ़ी जाएगी। जिस तरह ईद के जश्न को लेकर तैयारियां होती हैं, ठीक उसी तरह रमजान के आखरी जुमे की अहमियत है। इस बार कोविड 19 के चलते न तो जश्न होगा, न ही कोई सामूहिक इबादत होगी। सिर्फ मस्जिदों में पूर्व की तरह प्रतीकात्मक रूप से इबादत होगी। मुस्लिम समाज के लोग घरों में ही जुमे की नमाज अदा करेंगे। इसके लिए काजी कार्यालय ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।  वहीं अलविदा जुमे पर पढ़ा जाने वाले खुत्बा भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। ताकि लोग इसका ज्रिक कर सकें।

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