प्रशासन ने इंतजाम कराया:जरूरत से ज्यादा मरीज भर्ती किए तो 12 की सांसें अटकीं

गुना6 महीने पहले
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  • बालाजी अस्पताल के रिकॉर्ड में 3 ऑक्सीजन बेड बताए थे, भर्ती कर लिए 12 मरीज

शहर के एक निजी अस्पताल में बुधवार देर रात 12 मरीजों की जान आफत में आ गई। इस अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की कगार पर पहुंच गई थी। प्रबंधन ने कथित तौर पर मरीजों को अल्टीमेटम दे दिया कि वे अपना कहीं और इंतजाम कर लें। मरीजों के अटेंडरों ने नेताओं से लेकर अधिकारियों तक के फोन खड़खड़ा दिए। आखिरकार रात को ऑक्सीजन खत्म होने से ऐन पहले वैकल्पिक इंतजाम कर दिया गया।

सवाल यह है कि बीजी रोड स्थित बालाजी अस्पताल में हुआ क्या था? एसडीएम अंकिता जैन ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने कोविड मरीजों के लिए 10 बेड रखे थे। उनमें से 3 ऑक्सीजन सपोर्ट वाले थे। बुधवार को जब हमने मौके पर जाकर देखा तो वहां 12 मरीजों को ऑक्सीजन पर रखा हुआ था। उन्होंने कहा कि वहां जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन भिजवा दी गई थी। वहीं अस्पताल में भर्ती एक मरीज के अटेंडर ने भास्कर को बताया कि रात को करीब 9 बजे के आसपास प्रबंधन द्वारा हमें कहा गया कि उनके पास ऑक्सीजन खत्म हो रही है। हमें कहा गया कि रात 12 बजे से पहले अपना इंतजाम देख लें। इससे हम सभी के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई। इसके बाद जब हमने अधिकारियों को फोन लगाए तब रात करीब साढ़े 11 बजे एसडीएम, तहसीलदार आदि पहुंचे। कुछ ही देर में ऑक्सीजन भी आ गई।

क्या कहना है प्रबंधन का
अस्पताल प्रबंधन से जुड़े डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज बहुत ज्यादा आ रहे थे। इसलिए हमने उनके लिए इंतजाम बढ़ा दिए थे। उन्होंने बुधवार रात के घटनाक्रम को लेकर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उनका कहना था कि सब कुछ ठीक है और मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन दी जा रही है।

कलेक्टर ने पोस्ट की : जांच के आदेश दिए
रात में ही कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीएमएचओ को कहा गया है कि वह पूरी रिपोर्ट बनाकर दें। गुरुवार को सीएमएचओ डॉ. पी बुनकर अस्पताल भी पहुंचे।

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