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सीमा का हाल राजस्थान v/s एमपी (गुना):राजस्थान में प्रवेश से पहले मांगी जा रही है कोविड की रिपोर्ट, हमारे यहां बस पूछताछ

गुनाएक महीने पहले
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उमरथाना बार्डर के राजस्थान वाले हिस्से पर तैनात कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
उमरथाना बार्डर के राजस्थान वाले हिस्से पर तैनात कर्मचारी।
  • राजस्थान में चार विभाग के कर्मचारी, हमारी उमर थाना सीमा पर कोविड की जांच के लिए कोई टीम नहीं
  • इस बार सीमा पर न थर्मल स्कैनर दिए न ही स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी पहुंचाया

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लगे लॉकडाउन में मप्र (गुना) और राजस्थान की सीमाओं का नजारा एकदम अलग है। लॉकडाउन 1 में सीमाओं पर शिक्षा, राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मौजूद रहती थी। हर आने-जाने वाले की थर्मल स्कैनर से चेकिंग की जाती थी।

भास्कर ने धरनावदा और चांचौड़ा की उमरथाना पोस्ट पर जाकर सीमा का हाल देखा। गुना वाले हिस्से के ठीक विपरीत राजस्थान वाली साइड पर हालात अलग हैं। वहां चार विभाग के कर्मचारी मौजूद हैं। अगर गुना से कोई राजस्थान में प्रवेश करता है तो वहां उससे कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट मांगी जा रही है। दूसरी ओर राजस्थान से आने वाले लोगों से बस पूछताछ ही हो रही है।
इस बार आवाजाही पर रोक लगाने में बहुत देर की गई

लॉकडाउन 1 में लोगाें की आवाजाही पर रातों रात प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस बार ऐसा नहीं हुआ। पूरा मार्च और आधा अप्रैल गुजर गया और बसें आती-जाती रहीं। इसलिए वह हालात नहीं बने कि कोई राजस्थान में ही फंसकर रह गया हो। वहां जो भी लोग थे वे बसों व अन्य वाहनों के जरिए अपने-अपने घर पहुंच गए।

राजस्थान से जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले दाे चेक पाेस्ट के हाल... कोई नहीं यहां जानकारी लेने वाला

उमरथाना सीमा : कोविड के लिए अलग से चेकपोस्ट ही नहीं
गुना व अन्य जिलों से राजस्थान जाने के यह एक अहम मार्ग है। खासतौर पर कई धार्मिक स्थलों के लिए इस रास्ते से लोग राजस्थान जाते हैं। यहां से बसें या अन्य भारी वाहन भले ही कम आते-जाते हो लेकिन निजी वाहनों का आवागमन बहुत ज्यादा होता है। हालांकि अभी वह स्थिति नहीं है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि यातायात पूरी तरह बंद हो गया हो। इस सीमा पर गुना वाली साइड पर कोविड 19 को लेकर कोई भी चेक पोस्ट नहीं बनाई गई। सिर्फ वन विभाग की चौकी पर हमेशा की तरह 2 कर्मचारी तैनात मिले।

यहां परिवहन विभाग की भी एक चौकी रहती है लेकिन उस पर भी कोई कर्मचारी नहीं है। एक बैरियर लगा है जो हमेशा खुला ही रहता है लेकिन राजस्थान वाली साइड पर हालात बिल्कुल अलग हैं। वहां तो सड़क काे पूरी तरह बेरिकेड लगाकर बंद करके रखा गया है। पास ही एक टेंट के नीचे 5 कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि हमें आदेश है कि जिसके पास 72 घंटे पहले की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट हो उसे ही अंदर आने दिया जाए।

पार्वती पुल : लॉकडाउन 1 की सबसे व्यस्त सीमा पर सन्नाटा
धरनावदा के पास पार्वती पुल की सीमा पर पिछले साल नजारा बिल्कुल अलग हुआ करता था। प्रवासी मजदूरों, कोटा में कोचिंग करने गए बच्चों आदि को लेकर बसें यही से प्रवेश करती थीं। पुल के उस पर राजस्थान का अमला पूरी जांच पड़ताल करता था। वहीं गुना वाले हिस्से में बड़े टेंट के नीचे लोगों को रुकवाया जाता था। उन्हें भोजन, दवा आदि का इंतजाम भी होता था। इस बार यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। करीब एक हफ्ते पहले जब से सीमा को सील किया गया है, तब से बसों की आवाजाही पूरी तरह बंद है। ट्रक आदि आते जाते रहते हैं।

निजी वाहनों से सवारियां यहां वहां आती जाती हैं। गुना वाली साइड पर तीन शिफ्ट में शिक्षक एवं पुलिसकर्मी ड्यूटी देते हैं। इस बार यहां स्वास्थ्य विभाग से किसी की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। यहां भी ऐसे कोई निर्देश नहीं है कि आने-जाने वालों से कोविड जांच की रिपोर्ट लेना है। इसलिए यहां तैनात अमले के लोग पूछताछ करते हैं। रजिस्टर पर नाम,पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है ... और बस। जबकि राजस्थान की ओर जाने वालों की कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट मांगी जा रही है।

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