पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कुंभराज में जैन संत की अगवानी:ईदगाह पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी तो धरने पर बैठा मुस्लिम समाज

गुना15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कैंट जामा मस्जिद के बहार टेंट में शहरकाजी ने ईद की नमाज कराई। - Dainik Bhaskar
कैंट जामा मस्जिद के बहार टेंट में शहरकाजी ने ईद की नमाज कराई।
  • गुना में मस्जिद के बाहर टेंट लगाकर 6 लोगों ने पढ़ी नमाज, ईदगाह पर ताला लटका रहा

बुधवार को ईद का पर्व कोविड गाइड लाइन के मुताबिक शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया। हालांकि कुंभराज में विवाद की स्थिति बनी, वहां कोविड गाइड लाइन के मुताबिक मुस्लिम समुदाय को ईदगाह पर नमाज की अनुमति नहीं दी गई थी।

इसे लेकर कोई विवाद भी नहीं था, लेकिन बुधवार सुबह जैन समाज का एक बड़ा जुलूस निकलने दिया गया। इस पर मुस्लिम समुदाय ने ऐतराज जताया और उन्होंने भमावद चौराहे पर धरना दिया। दरअसल कुंभराज में मुनिश्री प्रसाद सागरजी महाराज सहित चार मुनिराजों का प्रवेश हुआ था। जैन समाज के लोगों ने गाजे-बाजे के साथ उनकी अगवानी की। जुलूस भी निकाला गया।

इसके बाद मंदिर में भी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। यहां संभवत: 26 जुलाई को मुनिसंघ का चातुर्मास कलश स्थापित होगा। इसे लेकर मुस्लिम समाज ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि हमें पुलिस ने नमाज से मना किया था और हमने उसे शांतिपूर्ण तरीके से माना भी। फिर जुलूस की अनुमति क्यों दी गई। उन्होंने तहसीलदार मोहित जैन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

गुना : ईदगाहों पर सन्नाटा मस्जिदों में भी अलग-अलग समय पर नमाज
शहर में नमाज या इससे जुड़े किसी मुद्दे पर किसी तरह विवाद नहीं हुआ। सिर्फ कैंट में सार्वजनिक रूप से नमाज पढ़ी गई। उसमें भी कुल 6 लोग शामिल हुए। यहां मस्जिद के पास खाली मैदान पर टेंट लगाकर यह रस्म अदा की गई। इसके अलावा शहर के ईदगाहों पर सन्नाटा रहा। पुरानी छावनी स्थित ईदगाह का ताला ही नहीं खोला गया। हालांकि वहां नमाज की तैयारी के मद्देनजर नपा ने कुछ इंतजाम किए थे। ईदगाह की ओर जाने वाले रास्ते पर चूने से लाइनिंग की गई थी।

खबरें और भी हैं...