पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दो महीने का मुफ्त राशन लेने उमड़ी भीड़:सरकारी राशन दुकानों पर गाइडलाइन की उड़ रही धज्जियां

गुनाएक महीने पहले
सरकारी राशन दुकानों पर लोगों ने भीड़ जमा कर रखी है।

एक तरफ प्रशासन उचित मूल्य की दुकानों पर कोरोना प्रोटोकॉल पालने करने की बातें कर रहा है, वहीं इन दुकानों पर कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ रही हैं। न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा और न ही लोग मास्क लगा रहे हैं। इन दुकानों पर भारी भीड़ लगी है।

मप्र शासन द्वारा सभी गरीबों को अप्रैल, मई व जून का राशन नि:शुल्क देने का निर्णय लिया है। माह अप्रैल का राशन वितरण हो चुका है। मई व जून का राशन दिया जाना है। शुक्रवार को दैनिक भास्कर की टीम ने इन दुकानों पर जाकर वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया। वार्ड नंबर 8 स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पर भीड़ दिखाई दी। यहां कोरोना नियमों का पालन नहीं हो रहा था।

सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए गोले तो बने थे, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग वहां राशन पहुंचे थे। सेल्समैन दुकान में बैठकर राशन का वितरण कर रहे थे। उनकी टेबल के आगे ही लोग भीड़ लगाकर खड़े थे। कई लोगों ने तो मास्क तक नहीं लगाए थे। व्यवस्था बनाने के लिए वहां कोई मौजूद नहीं था।

दूसरी तरफ व्यवस्थाओं को लेकर आयोजित बैठक में कलेक्टर ने सर्वप्रथम जिला खाद्य अधिकारी से दुकानों के खुलने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कुछ दुकानें खुल चुकी है, कुछ खुलना शेष हैं। जिस पर कलेक्टर द्वारा असंतोष प्रकट करते हुए खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारियों, एसडीएम व सीईओ जनपद को निर्देश दिए कि फील्ड में जाकर सभी उचित मूल्य दुकानें खुलवाएं और खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता दें। यह सुनिश्चित करें कि 15 मई के पूर्व सभी अधिकारियों को खाद्यान्न मिल जाए। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने कोविड-19 और गरीबों को तीन माह का एकमुश्त राशन वितरण संबंधी समीक्षा बैठक में जिले की सभी राशन दुकानें न खुलने के संबंध में गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी गरीबों को समय पर खाद्यान्न वितरण करना सुनिश्चित करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।