काेरोना के कदम गांवों की ओर:3500 की आबादी वाले पनवाड़ी हाट में 3 दिन में 40 संक्रमित मिले, गुना आने तैयार नहीं लाेग

गुना6 महीने पहले
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  • देवरी में 12 मरीज मिले, पूरा गांव ही कंटेनमेंट जोन बनाया

आखिर वही हुआ जिसकी चिंता लंबे समय से व्यक्त की जा रही थी। कोरोना की दूसरी लहर ने अब छोटे कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। आरोन से 18 किमी दूर स्थित 3500 के आबादी वाले पनवाड़ी हाट गांव कोरोना संक्रमण फैलना शुरू हो गया है। वहां तीन दिन के भीतर 40 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। यानि लगभग एक फीसदी लोग संक्रमित हो चुके हैं।

उससे सटे गांव देवरी में 12 केस मिले। वहीं बुधवार को आरोन में 4 और जाखोदा, रोरिया, बांसखेड़ी, छपरा आदि गांव में 1-1 केस मिला। एसडीएम ब्रजेश शर्मा ने माना कि पनवाड़ी हाट और देवरी के मामले बहुत ही गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं।

नए संक्रमितों में पहली बार गुना की हिस्सेदारी 5 फीसदी : बुधवार को ग्वालियर से आई आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में कुल 37 पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए। उनमें से सिर्फ दो गुना शहर के थे। कोरोनाकाल में पहली बार ऐसा हुआ है जब कुल संक्रमितों में शहर का हिस्सा इतना कम (महज 5 फीसदी) रहा हो। बाकी 35 मरीजों में से 16 ठेठ गांव के थे। बाकी कुंभराज, बीनागंज, आरोन और मधुसूदनगढ़ जैसे छोटे कस्बों में मिले।

जानकारियों पर पहरा
कोरोना की जानकारियों पर तमाम पहरे बिठा दिए गए हैं, जिससे यह पता ही नहीं चल पाता है कि संक्रमण का दायरा कितना बढ़ रहा है। देर शाम तक ग्वालियर से आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट ही बची है, जिससे यह पता चल पाता है कि नए संक्रमित मरीज किन-किन इलाकों के हैं। वहीं गुना में होने वाली आरएटी जांच में संक्रमित पाए जाने वाले लोगों की कोई जानकारी शेयर नहीं की जाती। जबकि पहले विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाती थी।

104 नए पॉजिटिव मिले, 56 स्वस्थ हुए
बुधवार को ग्वालियर से मिली रिपोर्ट में 9 और केस आरोन और उससे सटे हुए गांवों के थे। गुरुवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक जिलेभर में 104 नए पॉजिटिव मिले हैं जबकि 56 स्वस्थ होकर घर लौटे, मौत 1 भी नहीं हुई।
कई गांवों से मिल रहे हैं पॉजिटिव : म्याना, पाडरिया, मानपुरिया, आमल्या, मोईखेजरा, गुंजराई, धक्कापुरा, मोई, फतेहगढ जैसे गांवों से नए पॉजिटिव केस मिले हैं। कुंभराज, बीनागंज, मधुसूदनगढ़ तो सूची में हैं ही। एनएफएल और गेल जैसी टाउनशिप में भी केस मिल रहे हैं।

ये बड़ी लापरवाही...सबसे बड़े संकट के दौर में भी सैंपलिंग नहीं बढ़ी
अकेले इसी माह में करीब 2 हजार संक्रमित मिले हैं। सरकारी आंकड़ाें के मुताबिक 7 मौत हुई हैं, जो कोविड काल के किसी भी माह में सबसे ज्यादा हैं। हालांकि गैर सरकारी आंकड़े मौतों की संख्या 10 से 15 गुना ज्यादा बताते हैं। इसके बावजूद इस माह के दौरान कोरोना टेस्ट उससे भी कम हो रहे हैं, जितने इस महामारी की पहली बड़ी लहर सितंबर के दौरान हो रहे थे। हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक औसतन 220 के आसपास सैंपल रोजाना लिए जा रहे हैं।

दो दिन से पनवाड़ी हाट में सन्नाटा पसरा हुआ है। जब यहां संक्रमण की स्थिति बेकाबू हुई तो बुधवार को एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, आरोन थाना प्रभारी और स्वास्थ्य अमला 10 से ज्यादा गाड़ियों के साथ गांव पहुंचा। गांव में शायद पहली बार इतनी बड़ी संख्या सरकारी अमला पहुंचा होगा। यह देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों में दुबके हुए हैं लेकिन क्या उन्हें इस बात की चिंता है कि उनका गांव एक बड़े संकट से घिरा हुआ है।

एसडीएम कई लोगों को समझा रहे हैं कि वे गुना के कोविड केयर सेंटर में जाकर भर्ती हो जाएं। वहां उनकी देखभाल होती रहेगी। एक संक्रमित ने साफ मना कर दिया। उसने कहा कि हमें यही मर जाने दो लेकिन गुना जाने को मत कहो।

एसडीएम कहते हैं कि हम संक्रमितों को पकड़कर जबरन कहीं भेज भी नहीं सकते। वे कहते हैं कि 18 घंटे से हमारा अमला यही है लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है। बुधवार को कुछ लोग यहां के कस्तूरबा छात्रावास में आइसोलेट किए गए थे। सुबह वे भी लापता हो गए।

पूरे के पूरे परिवार संक्रमित
गांव में कई परिवार तो पूरे के पूरे संक्रमित हैं। कारण यह है कि यहां ऐसे घर नहीं होते है जहां लोगों होम आइसोलेट हो सकें। अगर घर का एक भी व्यक्ति संक्रमित मिलता है तो पूरा परिवार चपेट में आ जाता है।

देवरी : पूरा गांव ही सील
800 के आसपास की आबादी वाले देवरी गांव में 12 पॉजिटिव केस मिले हैं। किसी एक छोटे गांव में अब तक संक्रमितों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके बाद पूरे के पूरे गांव को ही कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है।

जरूरी चीजों की सप्लाई के लिए कर्मचारी तैनात: अधिक संख्या में कोरोना पॉजिटिव आने के बाद पनवाड़ी हाट और देवरी को पूरी तरह कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। वहां पर पुलिस बल तैनात है। लोगों को उनकी जरूरत के सामान देने के लिए वहां पर महिला बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर, पटवारी, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा, सहायिका एवं चौकीदार काे ड्यूटी पर लगाया गया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे लोगों को दवा व अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करें।

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