हालात बिगड़ने के बावजूद:गांव छोड़ना नहीं चाहते थे लोग, पुलिस भेजी तो माने

गुना2 महीने पहले
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बमोरी ब्लॉक में पार्वती नदी के बीच बसे सोडा गांव में 16 साल बाद बचाव मुहिम की गई। शनिवार सुबह 6.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक एनडीआरएफ के हेलीकॉप्टर ने 4 से 5 उड़ान भरी। इस दौरान 152 लोगों को निकाला गया। इनमें एक व दो माह के दो शिशुओं से लेकर 100 साल की बुजुर्ग महिला शामिल थी। हालात बिगड़ने के बावजूद गांव के लोग आने को तैयार नहीं थे। उन्हें समझाने के लिए पुलिस भेजी गई, तब जाकर इतने लोग तैयार हुए।

इससे पहले कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए. और एसपी राजीव कुमार मिश्रा शुक्रवार रात को ही छबड़ा पहुंच गए थे। यहां से कुछ दूर कैलाशपुरी गांव में बचाव अभियान का बेस कैंप बनाया गया। अंत में तय हुआ कि सभी को एयर लिफ्ट किया जाएगा। हेलीकॉप्टर ने पहली उड़ान तड़के 6.30 बजे भरी। सोडा से लाए गए लोगों को राजस्थान के बुआखेड़ी गांव के हायर सेकंडरी स्कूल में रखा गया है। यह गांव पार्वती नदी के दूसरी ओर है।

एक माह के शिशु को कलेक्टर-एसपी ने संभाला

रेस्क्यू मुहिम में बचाया गया सबसे नन्हा सदस्य 1 माह का शिशु था। खेत में हेलीकॉप्टर उतरा और लोग कीचड़ में किसी तरह खुद को संभालते हुए आगे बढ़ रहे थे। तब यह शिशु उसकी मां की गोद में था। उसके पैर कीचड़ में धंस रहे थे। कलेक्टर व एसपी ने उसे संभाला।

सीएम व मंत्री ने की सोडा गांव के लोगों से बात

इस पूरे बचाव कार्य के दौरान प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। भाजपा के जिला मंत्री महेंद्र सिंह किरार ने बचा कर लाए गए लोगों की सीधे सीएम शिवराज सिंह चौहान से बात कराई।

अंचल के हाल

सानई... छात्रावास में चल रही पुलिस चौकी, 20 परिवार के लिए स्कूल बना है घर

चांचौड़ा ब्लॉक के सानई में 11 दिन पहले आई बाढ़ से तबाह हुए 20 से ज्यादा परिवार आज भी वहां के स्कूल में रह रहे हैं। इन लोगों की घर वापसी कब हो पाएगी इसका कोई अंदाजा नहीं है। अभी तो हाल यह है कि यहां पुलिस चौकी तक विस्थापित चल रही है। बाढ़ के दौरान इस चौकी में 4 पुलिसकर्मी फंस गए थे, जिन्हें बड़ी मुश्किल से निकाला जा सका था। उसके बाद इसे एक छात्रावास भवन में शिफ्ट कर दिया गया।

राघौगढ़... जांगरू में 15 परिवार बेघर

ब्लॉक में नदियों के उफान पर आने के कारण खेतों में फसलें चौपट हो गयी हैं, तो वहीं क्षेत्र में लगभग सैंकड़ो मकान जमींदोज हो गए। ग्राम जांगरू में ही बारिश के कारण 15 मकान धराशायी हो गए हैं। यहां सभी रहने व खाने की व्यवस्था पंचायत भवन में की गई।

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