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शोकसभा:सामाजिक सरोकारों के सक्रिय व्यक्तित्व थे प्रकाश

गुनाएक महीने पहले
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प्रगतिशील लेखक संघ, गुना इकाई ने एक शोकसभा आयोजित कर देश के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित साहित्यकार-पत्रकार प्रकाश दीक्षित के निधन पर अपनी भावांजलि अर्पित की। सभा में श्री दीक्षित के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए सदस्यों ने कहा कि प्रकाश दीक्षित न केवल एक वरिष्ठ पत्रकार बल्कि एक प्रतिष्ठित लेखक, अनुवादक एवं सामाजिक सरोकारों के लिए सक्रिय व्यक्तित्व थे।

83 वर्षीय प्रकाश दीक्षित की उल्लेखनीय उपलब्धियों में उनके तीन महत्वपूर्ण उपन्यास ‘आधी खिड़की’, ‘चोर गली का चौराहा’, ‘काठ के ताबूत और ज़िंदा लाशें’ चर्चित रहे। उनका काव्य संग्रह’ अक्षितिज सूरजमुखी का देश’ एक अभिनव प्रयोग था। उन्होंने अस्तित्ववाद पर भी महत्वपूर्ण प्रकाशन किया। वे जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर से हिंदी स्नातकोत्तर गोल्ड मेडलिस्ट रहे। इस अवसर पर अतुल लुंबा, पवित्र सलालपुरिया, मनीष दुबे, सत्येंद्र रघुवंशी उपस्थित रहे।

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