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चांचौड़ा में मनरेगा पर घमासान:तालाब घोटाले में सचिव सस्पेंड, रोजगार सहायक बर्खास्त

गुना4 दिन पहले
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  • सरपंच को भी धारा हटाने के निर्देश, मोहम्मदपुर में एक और घपला

करीब 24 दिन पहले भास्कर ने चांचौड़ा जनपद के तहत आने वाली नारायणपुरा पंचायत में तालाब घोटाले की खबर प्रकाशित की थी। बुधवार को इस मामले में कलेक्टर ने संबंधित रोजगार सहायक को बर्खास्त कर दिया है। वहीं सचिव को सस्पेंड करने के आदेश दिए। सरपंच पर धारा 40 के तहत पद से पृथक करने की कार्रवाई होगी।

इस गांव में 14.70 लाख की लागत से चार तालाब बनने थे। मौके पर कोई काम नहीं हुआ और पूरी राशि निकाल ली गई। भौतिक सत्यापन के नाम पर वाटरशेड की पुरानी संरचनाओं को दिखा दिया गया। हालांकि इस मामले में इंजीनियरों की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई।

जबकि निर्माण की विभिन्न स्थितियों में उनका निरीक्षण व रिपोर्ट लगती है। इस मामले में एक बार फिर जनपद में इंजीनियरों-अधिकारियों व सचिव-रोजगार सहायकों के बीच चल रही खींचतान सामने आ गई। बड़े लोगों ने खुद को बचा लिया और निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई हो गई।

क्या था मामला : नारायणपुरा चार तालाब के नाम पर पंचायत खाते से निकाली गई लेकिन मौके पर एक का भी निर्माण नहीं किया गया है। गांव में वाटर शेड के पुराने तालाब की निशानियां बची थी, उन्हें ही नया बता दिया गया। इसके अलावा कुछ जगह तो गड्ढों को ही तालाब का नाम दे दिया गया।

मोहम्मदपुर : सड़क के लिए अवैध उत्खनन से बने गड्‌ढे को बताया पोखर कई घोटालों के लिए चर्चित रही मोहम्मदपुर पंचायत में पोखर के नाम पर एक घोटाला सामने आया है। दरअसल यहां नेनवास से मोहम्मदपुर तक एक रोड बनी थी। इसके लिए अवैध रूप से मुरम का खनन किया गया। आरोप यह है कि खनन के बाद बने हुए गड्‌ढों को पोखर बताकर उसकी राशि में घपला हुआ है।

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