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गुना में रोजगार सहायक बर्खास्त:तालाब बनाने के नाम पर निकाली राशि, जवाब में लिखा- तालाब बारिश में बह गया; पोल खुली तो जनपद के खाते में वापस जमा कराए पैसे

गुना3 महीने पहले
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कलेक्टर ने जनपद CEO के प्रतिवेदन पर रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है। - Dainik Bhaskar
कलेक्टर ने जनपद CEO के प्रतिवेदन पर रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है।

गुना जिले के चांचौड़ा इलाके में कुआ बनाने के नाम पर रोजगार सहायक ने तय रकम से ज्यादा पैसा निकाल लिया। पैसा निकालने के बाद भी काम नहीं किया गया। तालाब बारिश में बह जाना बता दिया। जब मामले की पोल खुली तो सरपंच, सचिव ने शासन के खाते में पैसे वापस जमा करा दिए। कलेक्टर ने जनपद CEO के प्रतिवेदन पर रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है।

चांचौड़ा जनपद के मुंहासाकला ग्राम पंचायत में तालाबों का निर्माण होना था। ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक संजीव मीणा ने 2 लाख 87 हजार रुपए तालाबों के नाम पर निकाल लिए। जबकि इंजीनियर के द्वारा केवल 23 हजार रुपए की राशि का मूल्यांकन किया गया। इसी तरह सार्वजनिक कूप निर्माण में भी चयनित सरकारी जमीन की जगह एक निजी जमीन के पास कुआ बना दिया गया। एक निजी व्यक्ति को लाभ देने की मंशा से कुए के लिए तय जमीन बदली गयी। इसमें भी 4 लाख रुपए गलत तरीके से निकाले गए। इन दोनों ही मामलों में रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

अपने जवाब में रोजगार सहायक संजीव मीणा ने बताया की शांतिबाई मीणा के खेत के पास तालाब निर्माण होना था। खाते से 2 लाख 87 हजार रुपए निकाले गए थे। तालाब का निर्माण भी किया गया, लेकिन नाले के पास तालाब होने से वह बारिश में बह गया। इसलिए इंजीनियर ने उसका मूल्यांकन नहीं किया। इंजीनियर ने केवल 23 हजार रुपए की राशि का मूल्यांकन किया। जब मामला सामने आया तो सरपंच, सचिव और हितग्राही ने जनपद के नोडल खाते में पैसा वापस जमा करा दिया। कलेक्टर ने रोजगार सहायक के जवाब से असंतुष्ट होकर उसे बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं।

अपने आदेश में कलेक्टर ने लिखा की रोजगार सहायक ने यह स्वीकार किया है की उनके द्वारा पैसा निकाला गया था। यह भी अपने जवाब में रोजगार सहायक ने बताया की पैसा वापस शासन के खाते में जमा करा दिया है। इससे यह साफ़ है की रोजगार सहायक ने गलत तरीके से पैसे निकाले हैं। जब पोल खुली तो पैसे वापस जमा कराए गए। इसलिए रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त की जाती हैं।

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