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MP में GAY ऐप से सेक्सटॉर्शन का डर्टी गेम:सुनसान जगह बुलाकर रिलेशन बनाते, फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते; गैंग का पर्दाफाश

गुना7 महीने पहलेलेखक: आशीष रघुवंशी

मध्यप्रदेश में GAY (समलैंगिक) डेटिंग एंड वीडियो चैटिंग ऐप से सेक्सटॉर्शन का मामला सामने आया है। 'Blued' नाम का यह ऐप इंटरनेशनल लेवल का है और दुनिया भर में एक करोड़ से ज्यादा बाद डाउनलोड किया जा चुका है। पकड़े गए आरोपी इस ऐप पर प्रोफाइल बनाकर समलैगिंक युवाओं को सुनसान जगह बुलाते और रिलेशन बनाते थे। फिर उनके वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए ऐंठते। इस मामले में दो लोगों ने पुलिस में शिकायत की थी।

इसके बाद पुलिस ने गुना से 6 लोगों की गैंग को पकड़ा है। इनमें 2 नाबालिग भी हैं। बाकी 4 आरोपियों में 20 साल का बंटी केवट, 21 साल का टीकम साहू, 19 साल का अनिकेत रजक और 29 साल का नीरज राठौर है। चारों को अरेस्ट कर लिया गया है। इस गैंग का सिर्फ एक बदमाश गे है।

आरोपियों में ज्यादातर सिर्फ 12वीं पास
यह गैंग अपने आसपास के समलैंगिक युवाओं पर नजर रखती थी। कोई भी इस ऐप पर आईडी बनाता, तो गैंग के सदस्य लोकेशन देखकर उसे अपने झांसे में ले लेते थे। शनिवार को शहर के दो युवाओं ने पुलिस से शिकायत की थी। ऐप के जरिए दोनों युवाओं से संपर्क किया गया था। फिर सुनसान जगह पर बुलाकर संबंध बनाए गए और वीडियो बनाकर रुपए मांगे।

पकड़े गए आरोपी कोई काम नहीं करते थे। ये ज्यादा पढ़े-लिखे भी नहीं हैं। इनमें से ज्यादातर सिर्फ 12वीं पास हैं। SP राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रदेश का ये इस तरह का पहला मामला है, जो सामने आया है।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।

ये है वो ऐप
प्ले स्टोर पर 'Blued' नाम से ऐप है। यह ऐप GAY लोगों के लिए डेटिंग और वीडियो कॉल के लिए बनाई गई है। दुनियाभर में इस ऐप के एक करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। इस ऐप के डिस्क्रिप्शन में यह लिखा हुआ है कि ऐप के जरिए आप दुनियाभर के 5 करोड़ से ज्यादा समलैंगिकों से संपर्क कर सकते हैं। आपके आसपास के उस तरह के लोग इस ऐप के जरिए आपके संपर्क में आ सकते हैं।

ऐसे करते थे ठगी
इस ऐप को इंस्टॉल कर जैसे ही कोई व्यक्ति अपनी आईडी बनाता था, उसकी लोकेशन ऐप पर रजिस्टर्ड लोगों को दिखने लगती है। उस लोकेशन के सहारे ही लोग एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं। इसी का फायदा ब्लैकमेलर्स ने उठाया।

ऐप पर लॉगिन करने वाले अपने इलाके के लोगों से संपर्क कर उन्हें किसी सुनसान जगह मिलने बुलाते थे। वहां उनसे संबंध बनाए जाते और उनकी वीडियो बना ली जाती थी। फिर ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता था। उसी वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर पैसे मांगे जाते थे।

दो युवक आए सामने
ऐप के जरिए कितने युवाओं को शिकार बनाया गया है, यह जानने के लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल तो यह सामने आया है कि बदनामी के डर से ठगी के शिकार युवक सामने नहीं आते थे। शहर के दो युवकों ने हिम्मत दिखाई और रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी वजह से इस गिरोह का पर्दाफाश हो पाया। इन दो युवकों में से एक से आरोपियों ने सोने की चेन तक छीन ली थी।

आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। ये कई और युवाओं से रुपए ऐंठ चुके हैं। राघोगढ़ में भी इन्होंने एक युवक को फंसाकर 50 हजार रुपए वसूले थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।