योग की पराकाष्ठा:हनुमान की जीवन शैली में गीता के ज्ञान योग भक्तियोग की छवि दिखाई देती है

गुना6 महीने पहले
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  • श्रीमद‌ भगवत गीता और रामचरितमानस, सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा के ऑनलाइन हुए अखंड पाठ

कुरुक्षेत्र में अर्जुन के अतिरिक्त गीता के एकमात्र प्रत्यक्ष श्रोता श्री हनुमान ही थे। हनुमान की जीवन शैली में योग की पराकाष्ठा गीता के ज्ञान योग भक्तियोग की अप्रतिम छवि दिखाई देती है। निष्काम भाव से सुख-दुख को सम रखते हुए अपना कर्म करना उनकी जीवन शैली की विशेषता है। भगवान ने गीता में जो स्पष्ट किया है कि वे सभी के हृदय में विराजमान हैं जिसे हनुमान महाराज ने अपनी छाती फाड़कर प्रमाणित कर दिया।

उक्त आशय के विचार विश्वगीता प्रतिष्ठानम् के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.जे एल त्रिपाठी ने श्रीगीताकपिध्वज हनुमत् प्रकटोत्सव में व्यक्त किए। अपना मत व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हनुमान महाराज हनुमान चालीसा, सुंदर कांड आदि के पाठ की अपेक्षा गीता सुनकर अधिक प्रसन्न होंगे क्योंकि वह साक्षात उनके आराध्य भगवान की वाणी है।

विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. जवाहर द्विवेदी ने बताया कि वर्तमान वैश्विक महामारी से उत्पन्न विकट परिस्थितियों में सकारात्मक वातावरण निर्मित करते हुए गीता कपिध्वज हनुमत प्रकटोत्सव मनाने के लिए केन्द्रीय कार्यकारिणी द्वारा इस वर्ष विश्व स्तरीय अभूतपूर्व आनलाइन आयोजन करने का निर्णय लिया गया।

चार समितियों द्वारा सोशल मीडिया माध्यम से एक ही समय में एकसाथ श्रीमद्भग्वद्गीता और रामचरितमानस तथा सुन्दर कांड एवं हनुमान चालीसा के आनलाइन अखंडपाठों का शृंखला बद्ध कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां श्रीरामचरित मानस का पाठ मंगलवार प्रात: 5 बजे से आरंभ होकर बुधवार 5 बजे तक चला वहीं गीता और सुंदरकांड तथा हनुमान चालीसा पाठ की अनेक आवृत्तियां मंगलवार को ही प्रात: 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक संपन्न हुई।

अखंड गीता पाठ का संयोजन दतिया से केंद्रीय स्वाध्याय प्रधान पं ओम प्रकाश शर्मा, अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ का संयोजन शिवपुरी से मध्यभारत प्रांत संयोजक पं. रमेश कोठारी, विदिशा से केंद्रीय संपर्क प्रमुख हरिनारायण शर्मा, श्री हनुमान चालीसा पाठ का उज्जयिनी से केंद्रीय व्यवस्था प्रमुख प्रह्लाद गुप्ता और गुना से केंद्रीय सहायता सचिव सुधीर सक्सेना ने एवं अखंड सुंदर कांड पाठ का संयोजन केंद्रीय संगठन मंत्री शिवपुरी के विष्णुप्रसाद शर्मा तथा दमोह से केंद्रीय परीक्षा प्रमुख श्रवण उपाध्याय ने किया।

इन आयोजनों में विभिन्न गीता संस्कृत स्वाध्याय मंडलों से चयनित पाठकों ने सहयोग प्रदान किया। जिनमें गीता संस्कृतस्वाध्याय मंडल गुना से अंकित पांडेय, देवकीनंदन विदुआ, महेश शर्मा ने सपरिवार सुंदरकांड पाठ में, हनुमान चालीसा पाठ में सुधीर सक्सेना और राम सिंह रघुवंशी ने ऑनलाइन रहकर पाठ किया।

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