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  • The locust party from Shivpuri was repulsed and hit back the next day; Stems remain in vegetable plants, leaves disappear from trees

मध्य प्रदेश / शिवपुरी से आए टिड्‌डी दल को खदेड़ा तो दूसरे ही दिन पलटवार; सब्जी के पौधों में ठूंठ ही बचे, पेड़ों से पत्तियां गायब

टिड्डी दल ने करीब 10 मिनट में एक हरे-भरे पेड़ का ऐसा हाल कर दिया। टिड्डी दल ने करीब 10 मिनट में एक हरे-भरे पेड़ का ऐसा हाल कर दिया।
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टिड्डी दल ने करीब 10 मिनट में एक हरे-भरे पेड़ का ऐसा हाल कर दिया।टिड्डी दल ने करीब 10 मिनट में एक हरे-भरे पेड़ का ऐसा हाल कर दिया।

  • सेंधुआ, शाहपुरा में बिखरे छोटे-छोटे दल, कृषि विभाग का दावा : 40% टिडि्डयों को मार गिराया

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 01:15 PM IST

गुना. सीहोर, हरदा और रायसेन में फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद अब टिड्‌डी के निशाने पर हमारा जिला है। शिवपुरी से होकर आए लगभग 3 किमी फैलाव वाले दल ने 30-31 मई की दरमियानी रात म्याना के कई गांवों पर हमला किया। इसकी सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों तक पहुंची तो रात को ही विभाग ने पलटवार कर उन पर हमला बोल दिया गया। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि करीब 40 फीसदी टिडि्डयों को मार गिराया गया है। देर रात तक इनका डेरा भदौरा और पाटई के बीच कहीं हो सकता है। अधिकारियों ने इस बात से इंकार नहीं किया है कि यह शहर पर भी हमला कर सकता है।

टिड्डियों पर दवाई का छिड़काव करती नगर पालिका की दमकल।


रविवार शाम तक टिड्‌डी दल दो भागों में विभाजित हो गया था। एक हिस्सा अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा की ओर चला गया। जबकि दूसरा भदौरा की ओर दिखाई दिया। अधिकारियों ने भदौरा के आसपास ही डेरा जमा लिया। 31 मई और 1 जून की दरमियानी रात टिड्‌डी दल पर यही दो फायर ब्रिगेड से कीटनाशक का छिड़काव होगा।

तबाही का आंखों देखा हाल : लाल बादल की तरह फैली थीं टिडि्डयां और फिर अचानक लाखों एक साथ खेतों पर उतर गईं

म्याना में रहने वाले शैलेंद्र तिवारी ने बताया टिड्‌डी दल के बारे में अब तक उन्होंने सिर्फ सुना ही था। रविवार को पहली बार जब इसे देखा तो पता चला कि यह छोटा सा कीट कितनी बड़ी समस्या हो सकता है। बस्ती से करीब एक किमी दूर रेलवे स्टेशन के पास लाखों की तादाद में इनका दल उड़ता हुआ दिखा। ऐसा लग रहा था मानो लाल बादल या कोई रेतीली आंधी चली आ रही हो। एक पल आप देखते हैं कि लाखों टिडि्डयां आसमान में उड़ रही है। अगले ही क्षण पूरा का पूरा दल एक साथ जमीन की ओर बढ़ने लगता है। बस्ती के बाहर श्रीकिशन कुशवाह के खेत पर उनके हमले के नतीजे भी देखने मिल गए। उनके खेत में ऊग रहे बैगन के पौधों पर सिर्फ डंठल ही बचे थे। एक पीपल के पेड़ की लगभग पूरी पत्तियां वे खा चुकी थीं। उनके बचे हुए टुकड़े पेड़ के चारों ओर बिखरे देखे जा सकते थे।

तीन दिन पहले राजस्थान की सीमा से लगे कुंदौरा में था दल
गुना से करीब 38 किमी दूर और शिवपुरी और राजस्थान सीमा से लगे कुंदौरा गांव में 3 दिन पहले टिड्‌डी को सबसे पहले देखा गया था। लोगों की सूचना पर जब कृषि विभाग के अधिकारी पहुंचे तो वहां कुछ नहीं मिला। दरअसल शिवपुरी में फैले बड़े दल का यह एक हिस्सा रहा होगा, जो हवा की बदलती दिशा के साथ वापस चला गया। इसके बाद 30 मई को इसका दोबारा हमला हुआ। टिडि्डयों के अलग-अलग दल म्याना, सेफुआ, शाहपुर, खजूरी, मोरखेड़ी, टकनेरा चौकी, नसीरखेड़ी आदि इलाकों में देखे गए।

यह छोटा दल है
टिड्‌डी दल की समस्या कितनी विकराल हो सकती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में पहुंचे दल को छोटा बताया जा रहा है। जबकि इसका फैलाव 3 किमी के आसपास है। अधिकारियों के मुताबिक इससे तीन से चार गुना तक बड़े दल हमला करते हैं। एक बार में यह इतना खाद्यान्न चट कर जाते हैं कि जिससे 3 से 4 हजार लोगों का पेट भर जाए।

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