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  • The Report Of The Only Patient Living In Home Isolation Came Negative; Only One Positive Case Came In The District In July, That Too Got Cured.

4 महीने बाद गुना कोरोना फ्री:होम आइसोलेशन में रह रहे एकमात्र मरीज की भी रिपोर्ट निगेटिव आई; जुलाई में अब तक जिले में केवल एक नया केस मिला

गुना15 दिन पहले
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जिला अस्पताल में खाली हुआ कोरोना वार्ड। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में खाली हुआ कोरोना वार्ड।

चार महीने की दूसरी लहर के बाद मंगलवार को जिला कोरोना मुक्त हो गया। बीते 7 दिनों में एक भी पॉजिटिव केस जिले में नहीं आया है। दूसरी तरफ जिले का जिले के एकमात्र पॉजिटिव मरीज की रिपोर्ट भी नेगेटिव आ गई है। उनका होम आइसोलेशन में ही इलाज चल रहा था। जुलाई का महीना अभी तक जिले के लिए राहत भरा रहा है। इस महीने के 13 दिनों में केवल एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

4 महीने बाद जिले में पॉजिटिव की संख्या शून्य हो गई है। जिले में बीते 12 दिन से एक भी पॉजिटिव केस नहीं आया है। अस्पताल से भी सभी मरीज ठीक होकर जा चुके हैं। होम आइसोलेशन में भी रह रहे मरीज ठीक हो चुके हैं। इस पूरे महीने जिले में मौतों का आंकड़ा भी शून्य है।

मार्च में शुरू हुई कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में भयावह रूप दिखाया। मार्च के अंत और अप्रैल के शुरुआती पखवाड़े में कोरोना चरम पर रहा। स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा हो गया। इसी दौरान जिले में संक्रमित मरीजों का रिकॉर्ड टूटा। मौतों की संख्या भी काफी बढ़ गई। कुछ दिन तो ऐसे गुजरे, जब शहर के मुक्तिधाम में एक के बाद एक चिताएं जलती रहीं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पलंग मिलना मुश्किल हो गया, तो निजी अस्पतालों में भी कोरोना का इलाज किया गया। जिले में ऑक्सीजन की कमी हो गई।

उड़ीसा से आया पहला ऑक्सीजन सिलेंडर
जिले में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए पहला लिक्विड ऑक्सीजन का सिलेंडर 24 अप्रैल को गुना पहुंचा। जिंदल के प्लांट से यह सिलेंडर आया था। हालांकि इसे लेकर राजनीति भी हुई। इस सिलेंडर को प्रशासन को सौंपने के लिए राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आग्रह पर जिंदल ने यह सिलेंडर भेजा है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना था कि शिवराज सिंह के निवेदन पर यह सिलेंडर भेजा गया है।

ऑक्सीजन प्लांट की घोषणा
दूसरी लहर के पीक के दौरान ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए ताबड़तोड़ ऑक्सीजन प्लांट की घोषणा की गई। जिले में सात ऑक्सीजन प्लांट की घोषणा की गई। इनमें से केवल एक ही शुरू हो पाया है।बमोरी में जिले का पहला सरकारी ऑक्सीजन प्लांट शुरू हुआ। यह विधायक निधि से बनाया गया है। अहमदाबाद की एक कंपनी ने इसके लिए मशीन भेजी और इसे इंस्टॉल कराया। वहीं, दूसरा प्लांट गेल का शुरू होने की संभावना है। इसके लिए भी मशीन आ गई है। यह जिला अस्पताल में बनाया जा रहा है।

कलेक्टर ने माना आभार
कलेक्टर फ्रैंक नोबल ए ने कहा कि यह अच्छी बात है कि पिछले एक हफ्ते से एक्टिव केस नहीं आ रहे हैं। सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग रहा है। अभी हमें और सतर्क रहने की जरुरत है। कोरोना की गाइड लाइन का पालन जरूरी है, तभी संभावित तीसरी लहर से बचा जा सकता है।

ये लापरवाही पड़ सकती है भारी।
ये लापरवाही पड़ सकती है भारी।

सावधानी जरूरी है
शहर के मुख्य बाजार से लेकर गली-मोहल्लों में आए दिन यातायात की स्थिति बिगड़ रही है। मुख्य बाजार में जाम की स्थिति से बचने के लिए लोगों द्वारा जिन वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहां अब दिनों दिन स्थिति बिगड़ने लगी है। इनमें बैजू चौराहा से लेकर बोहरा मस्जिद चौक, नई सड़क, कोतवाली गली, प्रकाश टॉकीज गली, सौलत गली, अनुराधा गली, मुरली धोकल गली, जगदीश कॉलोनी रोड, सोनी कॉलोनी रोड, कुम्हार मोहल्ला तिराहा आदि क्षेत्रों में आए दिन भारी जाम के कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

सबसे अधिक परेशानी का सामना बैजू चौराहा, भगत सिंह चौक पर हो रही है। यहां बड़ी संख्या में डॉक्टरों की क्लीनिक, मेडिकल एवं पैथोलॉजी होने के कारण आधी सड़क तक वाहन पार्किंग होती है। ऐसे में यहां दिनभर बार-बार जाम की स्थिति बनती है। वहीं सड़क किनारे सब्जी एवं फल विक्रेता भी अपने ठेले लगा लेते हैं। वहीं शहर के मुख्य चौराहों पर चालानी कार्रवाई में व्यस्त यातायात पुलिस इन मार्गों पर बिगड़ते यातायात के हालातों से बेखबर हैं। यहा कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा है। अभी और ज्यादा सावधानी रखने की आवश्यकता है।

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