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  • The Ventilators Found 9 Months Ago From PM Cares Fund Are Gathering Dust, Gail Also Gave 40 Lakhs For The Same, He Is Not Even Aware.

बेपरवाह सिस्टम से शुरू नहीं हाे पाया आईसीयू:पीएम केयर्स फंड से 9 माह पहले मिले वेंटिलेटर धूल खा रहे, गैल ने भी 40 लाख इसी के लिए दिए, उनका भी अता-पता नहीं

गुनाएक महीने पहले
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कोविड 19 संक्रमण की दूसरी लहर की चेतावनी दिसंबर में ही मिल चुकी थी। इसके बाद भी नेता, प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई चिंता नहीं की और अस्पताल में कोविड गाइड लाइन के हिसाब से संसाधन नहीं खड़े कर पाए। जिले में जो भयावह स्थिति बनी है वह सबके सामने है। हर दिन चिताएं जल रही हैं।

कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मौतों के आंकड़ों ने हिलाकर रख दिया है। 9 माह पहले पीएम केयर्स फंड और स्वास्थ्य संचालनालय से जिला अस्पताल प्रबंधन काे 5 वेंटिलेटर मिल चुके थे। इसके बावजूद आईसीयू यूनिट अब तक चालू नहीं हो पाई है। इसके अलावा एक साल पहले गैल ने भी आईसीयू में वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाने के लिए 40 लाख रुपए की राशि कलेक्टर फंड में दी थी, लेकिन इसका भी उपयोग नहीं हो पाया है। अगर इसका इस आपात काल में उपयोग होता तो हर दिन कई लोगों की जिंदगी बताई जा सकती थी।

कब खुलेगी सांसों को वापस खींच लाने की यूनिट : जिला अस्पताल में मेडिसिन विंग में 10 बिस्तरों की आईसीयू तैयार है। इसमें 2 पीएम केयर्स फंड, 3 स्वास्थ्य संचालनायल से मिले वेंटिलेटर लगे हुए हैं। 85 हजार रुपए कीमत के सर्वसुविधा युक्त बेड भी लगे हैं। हर बेड पर ऑक्सीजन पाइंट भी है। इसके बाद भी सांसों को वापस खींच कर जिंदगी बचाने वाली यूनिट चालू नहीं हो पा रही है।
आईसीयू तैयार पर 7 माह से इसमें ताला लटका हुआ है, यूनिट चालू होती तो मौतों में कमी हाे सकती थी

40 लाख कहां खर्च, अब तक गैल को हिसाब ही नहीं भेजा
कलेक्टर फंड में गैल से मार्च 2020 को 40 लाख रुपए की राशि सीएसआर फंड जारी की थी। इस पैसे से वेंटीलेटर खरीदे जाने थे लेकिन अब तक इस पैसे का उपयोग नहीं हुआ है। गैल के सीएसआर विभाग का कहना है कि हमें अब तक इस राशि के खर्च का उपयोगिता पत्र भी जारी नहीं किया गया है।

डॉक्टर बोले- हमे स्टाफ दे दो
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के एक डॉक्टर ने ने गुस्से में कहा, सिर्फ खरीदी में सरकार आगे है। यूनिट स्थापित हो रही थी तो इसके हिसाब से हमें स्टाफ भी दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस यूनिट में 24 घंटे मेडिसिन विशेषज्ञ, एनेस्थीसिक विशेषज्ञ और स्टाफ नर्स की जरूरत थी।

उल्टे सरकार ने कोविड 19 में लगे अमले को हटाने का काम शुरु कर दिया था। इसलिए इस यूनिट को चालू करने के लिए पूरे स्टाफ की जरुरत है। इस पर जिले में बैठे प्रशासनिक अधिकारी, सांसद, मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि तक चिंता नहीं कर रहे हैं। अगर दिसंबर माह में यह यूनिट चालू हो जाती तो काफी हद तक हम मौतों को रोक सकते थे।

वेंटिलेटर ऑपरेट करने विशेषज्ञाें को रखा जाएगा

  • पीआईसी को शुरु कराने के लिए शासन ने हाल ही में आदेश जारी किए हैं। इसे लेकर योजना तैयार की जा रही है। वेंटिलेटर ऑपरेटर करने के लिए विशेषज्ञों को रखा जाएगा। इसके लिए भी शासन ने पत्र जारी कर दिया। जल्द ही इस दिशा में काम होगा। - डॉक्टर पी बुनकर, सीएमएचओ
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