पड़ोसी राज्य में ओमिक्रान की दस्तक:सीमा पर चौकसी नहीं सिर्फ बस स्टैंड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सैपलिंग

गुनाएक महीने पहले
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पड़ोसी राज्य राजस्थान में काेराेना के नए वैरिएंट ओमिक्रान की दस्तक के साथ ही जिले में भी चिंताएं गहरा गई हैं। हमारे जिले की सीमा राजस्थान की सीमा काे छूती है। ऐसे कई गांव हैं, जहां से राजस्थान से लोगों का यहां नियमित आना-जाना होता है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते बड़ी सावधानी की जरूरत है। राजस्थान के जयपुर में 9 व्यक्ति नए वैरिएंट ओमिक्रान संक्रमित पाए गए हैं। इसे देखते हुए कड़ी सुरक्षा की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने सीमाओं पर चौकसी की जगह सिर्फ बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर ही कोविड सैंपलिंग शुरू कर दी है। शहर में 2 टीम गठित की हैं, जो भीड़ वाले स्थल पर पहुंचकर लोगों के कोविड सैंपल ले रही है। खासकर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर ज्यादा नजर है क्योंकि राजस्थान आने-जाने के लिए यात्री इसी स्थलों पर पहुंचते हैं। वहीं जिला अस्पताल में भी आने वालों की जांच की जा रही है।
कोई जागरूकता गतिविधि नहीं इसलिए बेफ्रिक लोग
मास्क अनिवार्य, सामाजिक दूरी जैसे सिद्धांतों का पालन के लिए जागरूकता को लेकर कोई गतिविधि संचालित नहीं की जा रही हैं। इस वजह से लोग भी बेफ्रिक हैं। यही वजह है कि बाजारों में अब भी लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं, बिना मास्क के सेवा नहीं जैसे सिद्धांतों का दुकानदार तक पालन नहीं कर रहे हैं।

इसलिए अब सावधानी ज्यादा जरूरी

पड़ोसी राज्य राजस्थान में ओमिक्रान के मामले सामने आने के बाद जिले में बड़ी सावधानी की जरूरत है। क्योंकि चांचौड़ा, कुंभराज, मृगवास, फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में कई ऐसे गांव हैं, जो राजस्थान सीमा को छूते हैं। वहां से अगर लोग आते हैं, तो कैसे सावधानी रखी जाए। इसे लेकर कोई प्लानिंग अभी नहीं बनी है। लेकिन बस स्टेंड और रेलवे स्टेशन पर जरुर यात्रियों की कोविड जांच की जा रही है। लेकिन सीमाओं पर कोई हलचल नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्री ने ली वीडियो काॅन्फ्रेंस

तीसरी लहर की आशंका के चलते जिले में इंतजामों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री प्रभूराम चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंस की। गुना जिले को लेकर भी उन्होंने चर्चा की। जिले में मौजूद सुविधा, ऑक्सीजन, स्टॉफ, दवाई आदि को लेकर पूरी जानकारी ली। इस दौरान सभी जिलों से कहा कि कोविड के लिए विशेष मानव संसाधन की मांग भेजें। स्वास्थ्य विभाग ने भी जिले कोविड संक्रमण से निपटने के लिए की गई तैयारी के बारे में जानकारी दी।

कलेक्टर ने कोविड सेंटर की स्थिति देखी
कलेक्टर फ्रेंक ए नोबल ने शहर के केंद्रों पर पहुंचकर टीकाकरण की स्थिति देखी। वह बूढ़े बालाजी केंद्र पर पहुंचे। एक दिव्यांग बच्ची को खुद के सामने टीका लगवाया। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. पी बुनकर, केंद्र प्रभारी डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी, महामारी रोग विज्ञान सत्येंद्र रघुवंशी मौजूद रहे। वहीं जिला अस्पताल में भी टीके लगाए गए।
दूसरी लहर में जो कमियां थीं, उन्हें दूर किया, ऑक्सीजन प्लांट लगाए
दूसरी लहर में सबसे ज्यादा मारामारी ऑक्सीजन को लेकर थी। इसे लेकर जिले में बड़े पैमाने पर काम हुआ है। जिला अस्पताल में ही दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हुए हैं। इसके अलावा बमोरी, आरोन और बीनागंज में भी एक-एक ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। वहीं इन अस्पतालों में भी बिस्तरों पर ऑक्सीजन पाइंट भी बढ़ाए गए हैं। ताकि पहले जैसे हालातों से निपटा जा सके।
कलेक्टर ने कोविड सेंटर की स्थिति देखी
कलेक्टर फ्रेंक ए नोबल ने शहर के केंद्रों पर पहुंचकर टीकाकरण की स्थिति देखी। वह बूढ़े बालाजी केंद्र पर पहुंचे। एक दिव्यांग बच्ची को खुद के सामने टीका लगवाया। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. पी बुनकर, केंद्र प्रभारी डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी, महामारी रोग विज्ञान सत्येंद्र रघुवंशी मौजूद रहे। वहीं जिला अस्पताल में भी टीके लगाए गए।
दूसरी लहर में जो कमियां थीं, उन्हें दूर किया, ऑक्सीजन प्लांट लगाए
दूसरी लहर में सबसे ज्यादा मारामारी ऑक्सीजन को लेकर थी। इसे लेकर जिले में बड़े पैमाने पर काम हुआ है। जिला अस्पताल में ही दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हुए हैं। इसके अलावा बमोरी, आरोन और बीनागंज में भी एक-एक ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। वहीं इन अस्पतालों में भी बिस्तरों पर ऑक्सीजन पाइंट भी बढ़ाए गए हैं। ताकि पहले जैसे हालातों से निपटा जा सके।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है, इसे लेकर हर माह सिविल सर्जन अपनी रिपोर्ट शासन को भेजते हैं। लेकिन अब तक खाली पदों को नहीं भरा गया है। तीसरी लहर की आशंका के बीच जिला अस्पताल में नर्सिंग स्टॉफ, वार्ड बॉय और सफाई कर्मचारियों की भी भारी कमी बताई जा रही है। अकेले जिला अस्पताल में ही 85 के लगभग अमले की कमी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने ली वीडियो काॅन्फ्रेंस
तीसरी लहर की आशंका के चलते जिले में इंतजामों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री प्रभूराम चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंस की। गुना जिले को लेकर भी उन्होंने चर्चा की। जिले में मौजूद सुविधा, ऑक्सीजन, स्टॉफ, दवाई आदि को लेकर पूरी जानकारी ली। इस दौरान सभी जिलों से कहा कि कोविड के लिए विशेष मानव संसाधन की मांग भेजें। स्वास्थ्य विभाग ने भी जिले कोविड संक्रमण से निपटने के लिए की गई तैयारी के बारे में जानकारी दी।

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