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जिले में मॉनसून की पहली बारिश:कई क्षेत्रों में गरज -चमक के साथ हुई बारिश, शहर में दिन भर की उमस के बाद शाम को बरसे बादल; मौसम हुआ खुशनुमा

गुनाएक महीने पहले
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शहर में कुछ देर के लिए हुई झमाझम बारिश - Dainik Bhaskar
शहर में कुछ देर के लिए हुई झमाझम बारिश

गुना। मानसून ने शुक्रवार को दोपहर बाद दस्तक दे दी है। गरज चमक के साथ बारिश हुई, लेकिन मौसम खुशनुमा हो गया है। हालांकि तेज बारिश के लिए 48 घंटे का इंतजार करना पड़ेगा। गुना पहुंचते ही मानसून हल्का पड़ गया है। हालांकि मानसून का गुना में प्रवेश होते ही झमाझम बारिश हुई। बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के बाद गुना में तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने अलगे 24 घंटे का भी अलर्ट जारी किया है, जिसमें गुना और ग्वालियर संभाग के जिले में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। उधर, बारिश होते ही किसानों ने बोवनी की तैयारी कर ली है। बीज उपलब्ध नहीं होने से किसान चिंतित हैं। सोयाबीन का रकबा भी घट सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को मानसून गुना पहुंच गया। एक सिस्टम गुना होकर गुजर रहा है। इस वजह से यहां बारिष भी हुई है। अगले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर तेज बारिष हो सकती है। हालांकि झमाझम बारिष के लिए अभी दो दिन और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग ने बताया कि बादलों की वजह से 18 जून को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री और न्यूतनम 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। आद्रता का प्रतिशत बढ़कर 66 और शाम के मय 56 प्रतिशत हो गया है।

आगे क्याः बंगाल की खाड़ी पर निर्भरता
मौसम विभाग के अनुसार, इन दिनों गुना सहित मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है। शनिवार को गुना सहित आसपास के हिस्सों में मानसून और भी सक्रिय हो सकता है। क्योंकि बहुत जल्द एक सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बन रहा है। हवा की दिशा बदलते ही गुना में झमाझम बारिश हो सकती है। इसी के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं के चलने का भी आसार है।

किसानों ने की बोवनी की तैयारी
उधर, किसानों ने बोवनी की तैयारी कर ली है। एक तेज बारिश का इंतजार में बैठे किसानों की उम्मीद जल्द ही पूरी हो सकती है। इसी को लेकर किसानों ने बीज और खाद का इंतजाम कर दिया है। हालांकि इस साल सोयाबीन का भरोसेमंद बीज नहीं मिल पाया है। सरकारी गोदामों में बीज उपलब्ध नहीं हो पाया। किसानों ने गांवों से ही बीज का बंदोबस्त किया है। कई किसान सोयाबीन की जगह उड़द बोने की तैयारी में है। इसी के साथ कुछ किसानों ने मक्का आदि का भी बीज लिया है। इसलिए इस बार सोयाबीन का रकबा कम भी हो सकता है। कृषि विभाग ने इस साल 3.11 लाख हेक्टेयर में बोवनी का लक्ष्य रखा है। इनमें सबसे ज्यादा सोयाबीन का रकबा था।

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