• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Guna
  • Unlocked life ... filled with playing field, processions filled out with trolleys in Abuja Muhurta, mass protests were also held

इतनी बेफिक्री / जिंदगी अनलॉक ...खेल मैदान से भरे, अबूझ मुहूर्त में ट्रॉलियां भरकर निकली बारातें, सामूहिक विरोध प्रदर्शन भी हुए

Unlocked life ... filled with playing field, processions filled out with trolleys in Abuja Muhurta, mass protests were also held
X
Unlocked life ... filled with playing field, processions filled out with trolleys in Abuja Muhurta, mass protests were also held

  • नियमों का पालन कराने वाली एजेंसियां कहीं नहीं दिखीं, बुजुर्ग भी सैर पर निकले

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:53 AM IST

गुना. जिले के अनलॉक 1.0 की गाइड लाइन आने से पहले ही सोमवार को हर जगह गहमा गहमी बढ़ी नजर आईं। लॉकडाउन 4 की आखिरी निशानी सिर्फ बाजार में तब दिखाई दी जब दुकानें ठीक 7 बजे बंद हो गईं। हालांकि कलेक्टर के आदेश जारी न होने से कई दुविधा में फंसे दिखाई दिए। 
इससे पहले सुबह से ही वह गतिविधियां होने लगीं जो अब तक बंद पड़ी थीं। स्टेडियम में बड़ी संख्या में बच्चे खेलने पहुंचे। सुबह 6 बजे से सैकड़ों लोग मॉर्निंग वॉक पर निकलते दिखाई दिए। अक्षय तृतीया पर खामोश रहीं शहनाइयां दूसरे सबसे बड़े अबूझ मुहूर्त यानि गंगा दशहरा पर खूब बजीं। बारातियों से भरी हुईं ट्रॉलियां दिनभर शहर से निकलती रहीं। लॉकडाउन की सख्ती में दबे हुए मुद्दों पर विरोध के स्वर भी मुखर होने लगे। अनलॉक 1 के पहले ही दिन 3 विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि यह एकमात्र ऐसी गतिविधि रही, जिसमें सोशल डिस्टेंस सहित सभी नियमों का पालन हुआ। इस दौरान सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने जैसे नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आईं। कोरोना को लेकर डर व चिंता गायब नजर आई। इन नियमों को क्रियान्वित करने वाली एजेंसियां भी बेफिक्र ही दिखी। आप ध्यान रखिए, अनलॉक का मतलब यह नहीं है कि कोरोना वायरस को लॉकडाउन में पहुंचा दिया गया है। 

70 दिन से घरों में बंद बच्चों की चहल-पहल से गूंजे मैदान
नई गाइड लाइन के मुताबिक स्टेडियमों व मैदानों में खेल गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। इस पर सोमवार सुबह से ही अमल भी होने लगा। हालांकि कलेक्टर की ओर से जिले की गाइडलाइन शाम को जारी हुई। संजय स्टेडियम में सुबह बड़ी संख्या में बच्चे खेलते हुए दिखाई दिए। चिंता की बात यह थी कि ज्यादातर ने मास्क नहीं लगा रखा था। 
ठसाठस भरी ट्रॉलियां दिनभर गुजरती रहीं
कोरोनाकाल में गंगा दशहरा सबसे बड़ा विवाह मुहूर्त बन गया। इससे पहले अक्षय तृतीया लगभग सन्नाटे में गुजर गई। हालांकि सोमवार को सड़कों पर बारात के जुलूस नहीं दिखे, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में विवाह समारोह हुए। शहर की सड़कों से बारातियों को लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गुजरती रहीं। उनमें ठसाठस लोग भरे हुए थे। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का तो नामोनिशान नहीं था। 

तीन विरोध-प्रदर्शनों में दिखा अनुशासन

बिजली क्षेत्र में लागू किए गए कथित सुधार को लेकर जनता यूनियन सहित कई संगठनों ने सामूहिक विरोध प्रदर्शन किया। बिजली कंपनी कार्यालय के सामने काला दिवस के रूप में यह विरोध किया गया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। लदूसरी ओर महिला फेडरेशन ने कोरोनाकाल में हुए सामूहिक पलायन के दौरान मारे गए सैकड़ों मजदूरों की मौत पर राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया। तीसरा प्रदर्शन एसयूसीआई ने अमेरिका में चल रहे नस्लवाद विरोधी आंदोलन के समर्थन में किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला भी जलाया।

बुजुर्ग भी सैर पर निकले 
कोरोना में बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरे वाले ग्रुप में रखा गया है। यही वजह है कि अनलॉक 1 के बावजूद उनके बिना वजह घर से बाहर निकलने पर रोक है। सोमवार को सुबह से ही परेड ग्राउंड पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग सुबह की सैर पर घूमते दिखे।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना