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विधिक जागरुकता:बच्चों को यौन दुर्व्यवहार से संरक्षित करना हमारा सभी का संयुक्त दायित्व है : शर्मा

गुना14 दिन पहले
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  • पाॅक्सो एक्ट के प्रावधान बताकर शिक्षकों व छात्रों को किया जागरूक
  • बच्चों की सुरक्षा के लिए टोल फ्री नंबरों के उपयोग की दी जानकारी

बच्चों को यौन दुर्व्यवहार से संरक्षित करना तथा यह निश्चित करना कि उनका बचपन किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार से मुक्त हो यह, हम सबका संयुक्त दायित्व है इसके लिए आवश्यकता है जन जागरूकता की। जिससे बच्चे एवं उनके माता पिता, अध्यापक व संरक्षक सजग होकर यौन दुर्व्यवहार का विरोध करें और अपराध होने से पूर्व उसे रोका जा सके।

यह बात उच्च बाल यौन दुर्व्यवहार एवं पाक्सो एक्ट के संबंध में लगाए गए शिविर में उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राकेश कुमार शर्मा ने कही। शिविर का आयोजन जिला सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार कोष्टा के मार्गदर्शन में विधिक सेवा प्राधिकरण, शिक्षा, आदिम जाति, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने एक सुसंस्कृत राष्ट्र के लिए बच्चों में संस्कार एवं अध्यात्म के प्रति समर्पण की आवश्यकता भी बताई। कार्यक्रम में सहायक संचालक महिला बाल विकास आरबी गोयल द्वारा बालकों का लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 के संबंध में बताया कि देश में अधिकतर बच्चे अपने रिश्तेदारों अथवा जान पहचान वालों द्वारा यौन अपराध के शिकार हुए हैं, जहां बच्चों को सर्वाधिक सुरक्षित माना जाता है। इसलिए यौन दुर्व्यवहार व उनसे बचाव की जानकारी होना जरूरी है।

गुड टच एवं बेड टच के बारे में बताया गया

इस अवसर पर क्षेत्रीय संयोजक योगेंद्र वर्मा ने आदिम जाति कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित छात्रावासों में यौन दुर्व्यवहार से बच्चों की सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले उपाय एवं बचाव के लिए टोल फ्री नंबर व सूचना पटल पर अंकित नंबरों के उपयोग की संबंधी जानकारी दी। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि के रूप में उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य आसिफ खान ने बच्चों को गुड टच एवं बेड टच के बारे में बताकर पाॅक्सो एक्ट के प्रावधानों के संबंध में समय-समय पर आयोजित की जाने वाली जागरूकता गतिविधियों के विषय में बताया। कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी ने निःशुल्क विधिक सहायता के लिए टोल फ्री नंबर की जानकारी दी।

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