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  • We Are Good In Education Because Every School Has Toilets And Water, In The Ranking Of NITI Aayog, Guna Was Ranked 22nd In The Country, Before This District Was At 68th Place.

स्वास्थ्य और खेती किसानी में पिछड़े:हम शिक्षा में अच्छे क्योंकि हर स्कूल में शौचालय और पानी, नीति आयोग की रैंकिंग में गुना देश में 22वें स्थान पर इससे पहले 68वें स्थान पर था जिला

गुना23 दिन पहले
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5 साल पहले नीति आयोग को जिले को विकास आकांक्षी श्रेणी में रखा था, तभी से लगातार काम हो रहा है। इसका असर ये हुआ कि इस क्षेत्र में हम बेहतर स्थिति में आ पाए हैं। हालांकि स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, कृषि के क्षेत्र में बहुत ज्यादा काम करने की ज़रूरत है। हालात यह है कि शहरी आंगनबाड़ी अब भी किराए के भवन में चल रहे है, वहीं जिले में 5 फीसदी से ज्यादा प्रसव घरों पर हो जाते हैं। इन सबके बीच आयोग ने जिले की ओवर ऑल रैंकिंग 22 दी है।

कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए अब इसमें और सुधार को लेकर योजना तैयार कर रहे हैं। इसके लिए जल्द ही बैठक हो सकती है जिन विभागों को इसमें शामिल किया है, उसने रिपोर्ट मांगी गई है। ताकि आगे के काम हो सके। फिलहाल की स्थिति में जिला सबसे बेहतर शिक्षा सेवा में है। दावा है कि जिले के सभी स्कूलों में शौचालय और पानी का इंतजाम हो चुका है। वहीं हाईस्कूलों में बिजली की सुविधा भी दे दी गई है। इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में जिला देश में तीसरे पायदान पर है। जबकि कृषि में 19, स्वास्थ्य 28 वें स्थान पर है।

ये है सच्चाई... शहर में अब भी 100 आंगनबाड़ी के पास खुद के भवन नहीं, 5 प्रतिशत प्रसूताओं की डिलेवरी घरों में ही बिना स्वास्थ्य इंतजामों के हो जाती है

इन सेक्टरों में हालात खराब क्यों...

स्वास्थ्य सेक्टर : इस क्षेत्र में हमारी स्थिति ठीक नहीं है। जिले में अब भी 5 फीसदी से प्रसव घरों पर ही बिना सुरक्षा इंतजाम के हो रहे हैं। जबकि गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं हैं, हर गांव में आशा, आंगनवाड़ी मौजूद है। फिर भी संस्थागत प्रसव न होना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर करता है। प्रसव पूर्व 3 जांचें में कमी आई है। रक्त अल्पता की शिकार महिलाओं की निगरानी भी नहीं हो रही है। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं कई जगहों पर मानक के अनुरूप नहीं है।

कृषि सेक्टर : कृषि सेक्टर में वैसे तो अन्य दूसरे सेक्टर से अच्छी स्थिति है। दो साल पहले सिंचाई के नए तरीके अपनाए गए थे। इसी तरह 2 साल पहले किसानों की जमीन की मिट्टी की गुणवत्ता का अध्ययन करके एक अच्छी फसल प्राप्त करने में सहायता के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड दिए गए थे। इन दोनों स्कीम के तहत आगे काम नहीं हुआ। वहीं पशुओं के टीकाकरण जैसे काम में भी गिरावट है।

वित्तीय समावेशन : इस सेक्टर में सबसे बुरे हाल है, रैंकिग में जिला 82 नंबर पर है। इसके तहत रोजगार आधारित स्कीमों से लोगों को लाभ पहुंचना, मुद्रा लोन, जनधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना आदि में स्थिति ठीक नहीं है। इन योजना के तहत सिर्फ 28 फीसदी लोगों को ही लाभ मिला है।

आंगनबाड़ी : शहरी क्षेत्रों में अब भी 100 से ज्यादा आंगनबाड़ी किराए के भवन में चल रही हैं। यह छोटे कमरे में चलती है। यहां न तो बच्चों के लिए खेलने की जगह है और न ही अन्य सुविधाएं। वहीं बच्चों को पोषण आहर जैसी सुविधा में भी सुधार की जरूरत है।

इन क्षेत्रों में फिलहाल हमारी स्थिति
सेक्टर रैंकिंग रैंकिंग (जनवरी में)
स्वास्थ्य 28 29
शिक्षा 3 07
कृषि/जलसंसाधन 19 12
वित्तीय समावेशन 82 88

जो कमियां हैं , उनको दूर करेंगे

  • नीति आयोग ने जो सुधार के बिंदु दिए हैं, उनकी की प्रगति और बेहतर कार्य को लेकर संबंधित विभागों की बैठक ली जाएगी। इसमें जिन जगह कमी है, उसे दूर करेंगे। संबंधित विभागों अपनी रिपोर्ट देंगे और इसमें आगे के कार्य तय होंगे। -फ्रेंक नोबल ए, कलेक्टर

112 जिलों में गुना भी विकास आकांक्षी
नीति आयोग ने देश के 112 सबसे पिछड़े जिलों के बेसलाइन सर्वे के आधार पर रैंकिंग जारी की। इसमें गुना जिला 22वें स्थान पर आया था। यह रैंकिंग पिछले कामों के दौरान हुए सुधार पर आधारित है। हालांकि जिन पांच सेक्टर के आधार पर यह रैंकिंग तय की गई है, इसमें शिक्षा को छोड़कर शेष कृषि, बुनियादी ढांचे में अब भी काफी सुधार की जरूरत है।

शिक्षा में सुधार क्यों आया
शिक्षा सेक्टर में जो बेसलाइन रैंकिंग दी गई थी, उसमें जिला सबसे अच्छे यानी तीसरे स्थान पर है। इसके पीछे दावे किए गए है कि जिले के हर स्कूल में शौचालय और पानी का इंतजाम कर दिया गया है। इसके अलावा हाईस्कूल, हायर सेकंडरी सभी स्कूलों में बिजली की समस्या थी, इसे भी दूर कर दिया गया है।

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