इसलिए यूरिया की कमी..:चने की कम बोवनी और गेहू-सरसों का रकबा बढ़ा ताे अचानक बढ़ी डिमांड

आरोन/गुना2 महीने पहले
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  • चने के मुकाबले गेहूं-सरसोंकीफसल में यूरिया व डीएपी दोनों की ज्यादा होती है जरूरत

उपलब्धता के तमाम दावों के बावजूद यूरिया की किल्लत दूर नहीं हाे रही है। इसकी एक बड़ी वजह रबी सीजन में फसलों की बोवनी का पैटर्न बदलना भी है। पिछले साल तक इस सीजन की मुख्य फसल चना और गेहूं रहती थीं। गेहूं में यूरिया ज्यादा लगती थी तो चना में बहुत कम। इस बार चने की जगह सरसों ने ले ली है। चने का रकबा कम हो गया। अब सरसों व गेहूं, दोनों ही ऐसी फसल हैं, जिनमें यूरिया और डीएपी दोनों की भरपूर जरूरत होती है। यही वजह है कि नवंबर के शुरूआत से खाद की कमी दूर नहीं ले रही है। किसी तरह डीएपी की पूर्ति हुई तो अब संकट यूरिया की ओर शिफ्ट हो गया।

आरोन में थाने से वितरण, रात 2 बजे से लाइन

यूरिया को लेकर गहराते संकट के बीच आरोन में विवादाें से बचने अब पुलिस थाने से इसका वितरण शुरू किया गया है। यहां रात 2 बजे से लाइन लग जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विदिशा और अशोकनगर जिले से भी किसान भी खाद लेने के लिए आ रहे हैं। इसलिए इस समय सबसे ज्यादा लंबी लाइन आरोन में देखी जा रही हैं। किसानों का यह भी कहना है कि पुलिस थाने में भाजपा से जुड़े कई नेता बैठे रहते हैं। वे अपने लोगों को फायदा पहुंचाते हैं।

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