आक्सीजन की मारामारी:मुजाहिद खुद के खर्च पर मरीजों तक पहुंचा रहे नि:शुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर, 17 की बचाई जान, मदद के लिए उठे हाथ

ग्यारसपुर6 महीने पहले
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एक तरफ जहां पूरे देश में कोरोना मरीजों की सांसें बढ़ाने के लिए आक्सीजन की मारामारी चल रही है। वहीं दूसरी ओर विदिशा जिले में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो मरीजों की जान बचाने के लिए देवदूत बनकर आए हैं और पीड़ित मरीजों के लिए आक्सीजन सिलेंडर की नि:शुल्क व्यवस्था कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं ग्यारसपुर हैदरगढ़ क्षेत्र के एक छोटे से गांव सेमराटप्पा के किसान के बेटे मुजाहिद अली।

वे यहां स्टोन क्रेशर के संचालक हैं। वे खाली ऑक्सीज़न सिलेंडर अरेंज करके उन्हें भोपाल से भरवाकर पीड़ित व्यक्ति को मदद पहुंचा रहे हैं। मुजाहिद के पास 16 सिलेंडर हैं जिन्हें रोटेट करते हुए दूर-दूर से आए मरीजों को उपलब्ध करवा रहे हैं। अब तक 20 से अधिक लोगों को आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवा चुके हैं जिनमें से 17 लोगों की जान बच चुकी है।

रायसेन और सागर जिले से भी आक्सीजन सिलेंडर लेने के लिए आते हैं मरीज
मुजाहिद अली ने बताया कि उनके पास विदिशा, गंजबासौदा, रायसेन जिले के बेगमगंज, सागर जिले के मंडीबामौरा सहित अनेक स्थानों से मरीज और उनके परिजन आक्सीजन सिलेंडर लेने आ रहे हैं।

मुजाहिद अली ने बताया कि उनके पास 15 दिन पहले एक ऑक्सीज़न सिलेंडर था, उसको एक मरीज को देने के बाद मदद के लिए लोगों के फोन आना चालू हुए और ये सिलसिला बढ़ने लगा। इसके बाद उन्होंने लोगों से खाली सिलेंडर मांगकर उनमें ऑक्सीज़न भरवाकर लोगों तक पहुंचाना चालू किया। इस समय मेरे पास 16 सिलेंडर की ही व्यवस्था है। मैंने युवाओं से अपील की है कि मुझे खाली सिलेंडर उपलब्ध कराएं जिससे मैं अधिक से अधिक कोरोना पेशेंट की मदद कर सकूं।

900 से 1100 रुपए तक में भरवाते हैं आक्सीजन सिलेंडर
यह खाली सिलेंडर भोपाल बीएचईएल से 900 से 1100 रुपए तक में भरवाकर मंगवाते हैं। इसमें करीब 100 से 120 पोंड ऑक्सीजन बनती है जो एक पेशेंट के लिए 24 घंटे के लिए पर्याप्त है। मुझे जहां से भी फोन आता है, मैं तुरंत अपनी गाड़ी में अपने खर्च से डीजल डलवाकर अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करवा देता हूं । ऑक्सीजन भरवाने के लिए मुझे कई घंटे लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है। मुझे प्रशासन से उम्मीद है कि इस काम में सिर्फ सहयोग करे, पैसा मैं लगाऊंगा ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न हो।

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