गुरुवार को जावर में हुई रिमझिम बारिश:मौसम के बदलाव से मावठा गिरा तो खेतों में खड़ी फसलों को मिलेगा लाभ

आष्टा/ जावर17 दिन पहले
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बारिश के बाद खेतों में खड़ी फसल - Dainik Bhaskar
बारिश के बाद खेतों में खड़ी फसल

गुरुवार को फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिला। जहां दिनभर बादल छाए रहे तथा हवाओं का सिलसिला भी बना रहा। इससे सर्दी का असर भी देखने को मिला। इसी तरह शाम को जावर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में रिमझिम बारिश भी हुई जिससे सड़कें तरबतर हो गई। किसानों का कहना है कि यदि मां उठा गिरा तो फसलों को काफी लाभ होगा तथा काफी बचत भी होगी। वहीं किसानों को ओले गिरने का भी भय बना हुआ है। गुरुवार को राजगढ, गुना क्षेत्र में बारिश के साथ ही जमकर ओले गिरे हैं। जिससे फसलों को काफी नुकसान होने का अनुमान है। यही वजह है कि क्षेत्र के किसानों में भी ओलावृष्टि को लेकर भय बना हुआ है। जावर में गुरुवार की सुबह से ही मौसम में आए बदलाव के बाद शाम होते होते क्षेत्र में हल्की बौछारें गिरना शुरू हुई जो शाम तक जारी रही। वहीं आष्टा क्षेत्र में आसमान पर बादल छाए रहे लेकिन बूंदाबांदी या बारिश होने की सूचना नहीं है। किसानों का कहना है कि यदि तेज बारिश होती है तो फसल को लाभ होगा। साथ ही बिजली की भी बचत होगी। इससे पानी का लेवल भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने भी 7 जनवरी से क्षेत्र में बारिश होने की बात कही है। मौसम ने गुरुवार से ही करवट बदली और आसमान में घने काले बादल छा गए थे लेकिन शाम होते-होते घने काले बादल शाम 5 बजे के आस पास पानी बरसना शुरू हुआ था जो देर रात तक जारी रहा। इस दौरान कभी तेज तो कभी हल्की बौछारें गिरती रहीं। पानी गिरने से मौसम में भी ठंडक घुल गई। किसानों का कहना है कि इस समय यदि मावठे की बारिश होती है तो रबी फसल को काफी फायदा होगा। इस संबंध में आरोलिया के किसान इंदर सिंह ने बताया कि लंबे समय से किसान मावठे की बारिश होने की आस लगाए बैठे थे। गुरुवार को भी सुबह से ही आसमान में बादल छा गए थे और शाम होते होते बारिश का दौर शुरू हो गया था जो देर रात तक जारी रहा। इस बारिश से गेहूं,चना, मसूर व अन्य फसलों को लाभ मिलेगा।

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