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प्राचीन पर्यटन स्थल:देवबड़ला तक सड़क बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने दिया ज्ञापन

जावरएक महीने पहले
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तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला प्राचीन धार्मिक स्थल देवबड़ला तक पक्की सड़क अभी तक नहीं बन पाई है। इस कारण क्षेत्र वासी परेशान हैं। इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने शुक्रवार को नायब तहसीलदार शेखर चौधरी को ज्ञापन देकर बिलपान से देवबड़ला तक पक्की सड़क शीघ्र बनवाने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि तहसील क्षेत्र का सबसे प्राचीन पर्यटन स्थल देवबड़ला स्थान है। यहां हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर तीन दिवसीय मेला लगता है। इसके अलावा यहां पर भगवान शंकर का प्राचीन मंदिर होने व नेवज नदी का उद्गम स्थल होने के कारण इस स्थान पर वर्ष भर श्रद्धालु दर्शन व स्नान करने पहुंचते हैं।

कई बार शिवरात्रि मेले में जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं तथा सड़क बनाने का आश्वासन भी दिया जाता है,लेकिन सड़क आज तक नहीं बनी है। जबकि प्राचीन स्थल पर बेस कीमती मूर्तियां बिखरी पड़ी हुई थी, लेकिन क्षेत्र वासियों की मांग पर पुरातत्व विभाग ने यहां की खुदाई करवाई तो यहां पर एक विशालकाय मंदिर भी निकला है।

जहां पर आज पूजा आरती भी हो रही है। हमारी मांग है कि गांव बिलपान से देवबड़ला की दूरी लगभग चार किमी है इसके बीच अभी तक पक्की सड़क नहीं बनी है। जबकि कई बार अधिकारियों से लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तक से सड़क बनाने की मांग कई बार की गई है। इसके बाद भी सड़क आज तक नहीं बन पाई है।

प्रशासन इस मामले की गंभीरता से लेकर सड़क बनाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरु करे ताकि आने वाले वर्ष में लोगों को शिवरात्रि पर लगने वाले मेले में पहुंचने में सुविधा हो सके। वैसे भी बरसात का मौसम शुरु हो चुका है ऐसे में देवबड़ला पहुंचने में श्रद्धालुओं को पूरे बरसात के सीजन में दिक्कतों का सामना करना पडे़गा।

ज्ञापन देने वालों में अरविंद सिंह सेमली, शंकर सिंह, शैलेन्द्र सिंह बावडी, शक्ति पटेल,जीवन द्रविड, राम प्रसाद मालवीय, ज्ञान सिंह, अके सिंह, सुरेन्द्र सिंह, फुल सिंह फोजी, जगदीश मालवीय आदि शामिल थे।

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