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नशा निवारण दिवस आज:शतचंडी, गायत्री महायज्ञ व योग के संकल्प से छुड़ा रहे नशा

मंडीदीप25 दिन पहले
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  • पर्यावरण की शुद्धि के साथ दे रहे वैदिक ज्ञान संस्कार और संस्कृति का संदेश

एक और जहां सरकार सभी प्रयासों के बावजूद भी नशे पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। वहीं दूसरी और सामाजिक संस्थाएं धार्मिक अनुष्ठानों का सहारा लेकर हजारों लोगों को नशा मुक्त करने में जुटी है। इनमें मुख्य रूप से बीते 12 वर्षों से सतलापुर में आयोजित होने वाला शतचंडी यज्ञ, आर्य समाज और गायत्री परिवार द्वारा किए जाने वाला महायज्ञ में संकल्प दिला कर लोगों को नशा मुक्त किया जा रहा है।

इन संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे अभियान सराहनीय और अनुकरणीय है वही पतंजलि योग समिति भी योग के माध्यम से लोगों को नशे के प्रति जागरूक करने में जुटी हुई है। इन संस्थाओं द्वारा बीते 12 साल में ब्लॉक के करीब 7000 से अधिक लोगों को नशा मुक्त किया जा चुका है।
नशे से दूर हो रहे युवा :

यज्ञ आचार्य राजेंद्र शर्मा बताते हैं कि युवा नशे से दूर होने लगे हैं। वे यज्ञ के दौरान बीते 12 साल में करीब 2 हजार लोगों को संकल्प दिलाकर नशा मुक्त करवा चुके है।

ग्रामीण नशे से दूर हुए तो झगड़ालू गांव की इमेज बदली
सतलापुर की पहचान कभी झगड़ालु गांव के रूप में हुआ करती थी, लेकिन गांव की यह निगेटिव इमेज अब बदल गई है। आसपास के गांवों में अब इसे धार्मिक गांव के रूप में नई पहचान मिल गई है। यह सब संभव हुआ यहां बीते 12 सालों से शतचंडी यज्ञ का आयोजन से।

इससे न सिर्फ गांव वाले नशे से दूर हुए बल्कि ग्रामीणों की आर्थिक संपन्नता बढ़ने से गांव में खुशहाली भी आई है। यज्ञ अनुष्ठान कर ग्रामीणों द्वारा धार्मिक परंपरा का पालन तो किया ही जा रहा है। वैज्ञानिक नजरिए से वे पर्यावरण शुद्धता की अलख भी जगा रहे हैं।

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