स्मार्ट सिटी योजना में हो रहा है निर्माण:तालाब की पार पर अतिक्रमण के कारण स्मार्ट सिटी के कार्यों में हो रही देरी, पार पर नहीं लग पा रहे पेवर्स

मुंगावलीएक महीने पहले
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तालाब की बाई तरफ की पार पर हुआ अतिक्रमण। - Dainik Bhaskar
तालाब की बाई तरफ की पार पर हुआ अतिक्रमण।
  • तालाब के बीच में लगे बिजली के खंभों से भी सौंदर्यीकरण कार्य में हो रही परेशानी

भुजरिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए करीब तीन साल से तालाब के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्य चल रहे हैं। सौंदर्यीकरण के कार्य के तालाब के बीच में लगे बिजली के खंभे और तालाब की बाई तरफ की करीब 300 मीटर की पार पर हुए अतिक्रमण के कारण परेशानी हो रही है। तालाब की पार पर करीब 30-40 मकान बने हैं। प्रशासनिक अधिकारी इन लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं कर पाए हैं। इससे तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं हो पा रहा है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत तालाब के पास पार्क और तालाब की तार पर पेवर्स रोड बनाई जा रही है।

तालाब सौंदर्यीकरण के तहत तालाब दांयीं तरफ की पार पर सौंदर्यीकरण के तहत पेवर्स रोड बनाई जा रही है। तालाब की दांयीं तरफ की पार पर काफी दूरी तक पार बन चुकी है, लेकिन तालाब की बाई तरफ की पार पर सौंदर्यीकरण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया है। इसका कारण तालाब की पार पर कई साल से अतिक्रमण कर करीब 30-40 परिवार रह रहे हैं। तालाब की पार पर आदिवासी, दलित समाज के लोग मिट्‌टी के बच्चे मकान बनाकर रह रहे हैं। यह लोग तालाब के पानी में ही नहाना धोना और कपड़े आदि धोते हैं।

इससे तालाब का पानी दूषित होता है। इससे तालाब का पानी सड़ कर बदबू युक्त हो जाता है। भुजरिया तालाब में कई त्योहार मनाए जाते हैं। तालाब में श्री गणेश प्रतिमा, श्री दुर्गा प्रतिमा विजर्सन, डोल ग्यारस पर विमानों को जल बिहार, भगवान जगन्नाथ जी जल बिहार, मोहर छठ पर मोहर विसर्जन, भुजरिया विसर्जन भी इसी तालाब पर होता है।

तीन साल में भी पूरा नहीं हो पाया तालाब का गहरीकरण और सौंदर्यीकरण

स्मार्ट सिटी योजना के तहत हो रहा तालाब का जीर्णोद्धार, यहां लाल पत्थर लगाया जाना है

स्मार्ट सिटी योजना के तहत तालाब का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके तहत तालाब के घाटों पर लाल पत्थर लगाया जा रहा है। तालाब की एक तरफ की पार पर पेवर्स रोड बन गया है। लेकिन तालाब की दूसरी पार पर अतिक्रमण के चलते और बिजली के खंभों के कारण और तालाब में मगरमच्छ के कारण सौंदर्यीकरण काम नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा क्षेत्र में कोरोना महामारी के चलते दो बार लॉकडाउन लग चुका है। इसका करण भी तालाब के कार्य में देरी हो रही है।

तालाब की पार पर बने 30-40 मकानों से तालाब के सौंदर्यीकरण में परेशानी आ रही है शहर के करीब 140 साल पुराने तालाब की पार पर कई साल से 30-40 परिवार कच्चे मकान बनाकर रह रहे हैं। प्रशासन को इन लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाकर इन लोगों को क्षेत्र में कहीं ओर बसाना चाहिए। इसके साथ ही तालाब में लगे बिजली के खंभों के कारण भी तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं हो पा रहा है। इससे तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य होने में परेशानी आ रही है।

पट्‌टे वितरित किए जाएंगे

  • जो लोग तालाब की पार पर पात्र हितग्राही हैं उनके पट्‌टे हो चुके हैं उन्हें शीघ्र पट्‌टे वितरित कर तालाब की पार से अन्य जगह स्थानांतरण कर दिया जाएगा। - विनोद उन्नीतान, सीएमओ, मुंगावली।

नगरपरिषद को पत्र लिख चुके हैं

  • तालाब के सौंदर्यीकरण के तहत विसर्जन कुंड और तालाब की पार के रह गए हैं। जो तालाब के खाली होने व पार से अतिक्रमण हटने पर ही पूर्ण हो जाएंगे। इसके लिए हम नगर परिषद को कई पत्र लिख चुके हैं। - तोषण राय, उपयंत्री स्मार्ट सिटी, मुंगावली।

तालाब के पानी में मिल रहा शहर का दूषित पानी

स्टेशन रोड पर तालाब के सामने बसी आदर्श कॉलोनी का गंदा पानी इसी तालाब में आता है। इससे तालाब का पानी दूषित और बदबूदार हो रहा है।

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