निरीक्षण के लिए पहुंची टीम:2023 तक नरसिंहगढ़ में लग सकता है पवन ऊर्जा संयंत्र

नरसिंहगढ़9 महीने पहले
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  • पवन ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए चेन्नई की टीम ने किया क्षेत्र का निरीक्षण

पवन ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए ऊर्जा विकास निगम और ऊर्जा राष्ट्रीय संस्थान, चेन्नई की संयुक्त टीम ने शनिवार को नरसिंहगढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग के निर्देश पर क्षेत्र में पवन ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावना बढ़ गई है। पवन ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए ऊर्जा विकास निगम और पवन ऊर्जा राष्ट्रीय संस्थान, चेन्नई की संयुक्त टीम ने नरसिंहगढ़ क्षेत्र का दौरा कर और जरूरी जानकारियां एकत्रित की।

क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ाने के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयास किए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा विकास निगम को पत्र लिखकर प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के तुरंत बाद ऊर्जा विभाग टीम क्षेत्र का दौरा कर, राजस्व अधिकारियों से बैठक कर संयंत्र लगाने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

निरीक्षण करने वालों में राजगढ़ के प्रबंधक एसके फारुकी, राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान के प्रोजेक्ट इंजीनियर पेरिया करप्पन साथ ही निरीक्षण टीम को सहयोग देने वालों में तहसीलदार राजन शर्मा, पटवारी गोपाल यादव, कमल यादव, मार्केटिंग संस्था के प्रबंधक नरेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।

ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए संभावित क्षेत्र

संवासी बड़ली, बांडा बैदरा, हनुमानगढ़ी की पहाड़ी, गणेश चौक आदि स्थानों पर जरूरी जांच उपरांत पवन ऊर्जा संयंत्र लगाए जा सकते हैं।
आगे की गतिविधि : निरीक्षण दल की ओर से एकत्रित की गई जानकारियों और सैटेलाइट की सहायता से जुटाई जानकारी के आधार पर रिपोर्ट बनाकर सिवेट संस्थान को भेजी जाएगी। जहां से अनुमोदन के बाद क्षेत्र में 2 वर्ष के लिए 100 मीटर ऊंचा विंड मास्ट संयंत्र लगाया जाएगा।
जो 2 वर्ष तक लगातार आवश्यक जानकारियां सेटेलाइट के माध्यम से संस्थान को भेजेगा। ताकि यह अनुमान लगाया जा सके कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पवन ऊर्जा संयंत्र लगाना आर्थिक रूप से कितना सही होगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो 2023 तक नरसिंहगढ़ क्षेत्र में भी पवन चक्कियां चलती हुई दिखाई देगी।

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