मां के आंचल को बनाया फंदा:10 साल का बच्चा मरने से पहले फोन पर बोला-अच्छा खाना लाना, फिर फांसी पर झूला

भोपाल4 महीने पहले

एक मां-बाप के लिए सबसे बड़ा दुख होता है अपनी औलाद को खो देना। एकतापुरी कॉलोनी, अशोका गार्डन में रहने वाले फोटोग्राफर अक्षत सिंह और पत्नी स्नेहलता के लिए सोमवार मनहूसियत लेकर आया। उनके 10 साल के बच्चे ने फांसी लगा ली। वो जवाहर स्कूल में छठी क्लास का स्टूडेंट था। जिस वक्त उसने यह कदम उठाया वो घर में अकेला था। स्नेहा अपनी 16 साल की बेटी के साथ उसका आंसरशीट जमा कराने स्कूल गई थीं। वहीं पिता अक्षत अपने काम पर।

मां से आखिरी बातचीत में अच्छा खाना लाने की बात कही थी

मां-बाप के घर से बाहर जाने के बाद रुद्राक्ष अकेला था। शाम को उसने पिता को फोन कर मां के बारे में पूछा। फिर उसने मां को फोन लगाया। उस वक्त स्नेहलता बाजार में थीं। रुद्राक्ष ने मां अपने लिए अच्छा खाना लेकर आने को बोला। देर शाम जब वो बाजार से घर पहुंची तो देखा तो कमरे के अंदर रुद्राक्ष फंदे पर लटका रहा है। आनन-फानन घरवाले अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक ने मां के दुप्पटे को बना लिया फांसी का फंदा

बच्चे ने सीलिंग फैन से फांसी लगाई। उसने फैन में फंदा लगाने के लिए बेड के ऊपर करीब डेढ़ फीट ऊंची टेबल रखी। टेबल पर चढ़कर उसने दुपट्‌टे का फंदा फैन में फंसाया और झूल गया।

सिर्फ ऑनलाइन क्लास के लिए इस्तेमाल करता था फोन

बेटे की मौत से परिवार का बुरा हाल है। पिता ने बताया- रुद्राक्ष पढ़ने में होशियार था। समझ नहीं आ रहा कि उसने ऐसा क्यों किया। उसे कोई परेशानी नहीं थी। सबसे हाथ जोड़कर कहता हूं कि बच्चों को अकेला नहीं छोड़ें। बच्चे टीवी में क्राइम के सीरियल देखकर नया-नया एक्सपेरीमेंट कर रहे हैं। अक्षत ने बताया कि बेटा मोबाइल में गेम नहीं खेलता था। वह सिर्फ ऑनलाइन क्लास के लिए मोबाइल का यूज करता था।