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भोपाल को सेहत मुबारक:100% को वैक्सीन का पहला डोज लगा...सबसे ज्यादा गोविंदपुरा के सेंटरों पर 151 दिन में 47848 टीके लगे, एम्स में 63 दिन में 38346

भोपालएक वर्ष पहले
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हमीदिया के वार्ड ब्वॉय संजय यादव को 16 जनवरी को भोपाल जिले में पहला टीका लगाया गया था। उस दिन से भोपाल में हेल्थ वर्कर का टीकाकरण शुरू हुआ था। - Dainik Bhaskar
हमीदिया के वार्ड ब्वॉय संजय यादव को 16 जनवरी को भोपाल जिले में पहला टीका लगाया गया था। उस दिन से भोपाल में हेल्थ वर्कर का टीकाकरण शुरू हुआ था।

कोरोना के खिलाफ भोपाल जिले ने शुक्रवार को बड़ी जंग जीत ली। जिले में जब 16 जनवरी को वैक्सीनेशन शुरू हुआ, तब 18 साल से अधिक उम्र के 19 लाख 49 हजार 267 लोगों को टीका लगाने का टारगेट रखा गया था। भोपाल ने 252 दिन में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया है। यहां 19 लाख 42 हजार 992 लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगा दिया गया है।

छूटे हुए 6 हजार से ज्यादा लोग अभी लापता हैं। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि 15 हजार सरकारी कर्मचारियों की मेहनत से ये लक्ष्य मिला है। जिले में 9 लाख 56 हजार 774 को दूसरा डोज लग चुका है। दिसंबर तक बाकी 10 लाख को भी दूसरा डोज लगा देंगे। 18 प्लस वाले जिन नए लोगों का नाम वोटर लिस्ट में जुड़ा है, उनका वैक्सीनेशन चलता रहेगा। कलेक्टर के मुताबिक टीकाकरण की शुरुआत में लोगों में मन में जो डर था, उसे दूर करने के लिए हमने ग्रामीणों की मदद ली। ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक ग्रुप बनाकर जागरुकता अभियान चलाया। पुराने शहर में जो लोग टीका नहीं लगवा रहे थे, उनके लिए शहर काजी और मुफ्ती से फतवा जारी करवाया। बता दें कि 18 से 44 साल तक के सबसे ज्यादा 10.48 लाख लोगों कोविशील्ड तो 146039 को कोवैक्सीन के डोज लगाए गए।

6 हजार से ज्यादा बचे, फिर 100% कैसे
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक छूटे हुए 6275 ऐसे लोग हैं, जो सर्वे कराने के बाद भी नहीं मिल रहे। बीएलओ की सूची से मिलान करने के बाद तय हुआ कि जो बचे हुए हैं, वो बाहर जा चुके हैं, इसलिए भोपाल जिले को 100% वैक्सीनेटिड घोषित किया गया है।

प्रदेश में 84% को अब तक फर्स्ट डोज
प्रदेश की 18 साल से ज्यादा उम्र के 5.49 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन होना है। इनमें से 4.63 करोड़ को पहला और 1.35 करोड़ को दूसरा डोज लग चुका है। 85 लाख 90 हजार लोग ऐसे हैं, जिन्हें पहला डोज लगना है।

वैक्सीन वाॅरियर
सबसे ज्यादा 11 हजार डोज लगाए अनीता एवले जिले की एकमात्र वैक्सीनेटर हैं, जिन्होंने रॉयल मार्केट स्थित शासकीय उबेदिया हाईस्कूल में बनाए गए सेंटर पर 11 हजार से ज्यादा डोज लगाए हैं।

वैक्सीनेट होने वाली पहली पंचायत
रुनहा पंचायत की सरपंच सीमा कलावत बताती हैं- यहां 1500 से ज्यादा आबादी है। लोग डरे हुए थे, मैंने सबसे पहले टीका लगवाया और इसके फोटो सोशल मीडिया पर डाले, इससे भरोसा बढ़ा।

गांवों में लोगों को ऐसे जोड़ा...
ग्रामीण जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कमलेश अहिरवार के मुताबिक हम पंचायतों के प्रबुद्ध लोगों को लेकर गांव-गांव घूमे। महिलाओं को जोड़ा, ताकि लोग उनकी बात सुने।

हर दिन 100 किमी का सफर
एसडीएम बैरसिया राजीवनंदन श्रीवास्तव बताते हैं कि दो महीने तक हम हर दिन गांवों में पहुंचने के लिए 100 किमी सफर करते रहे। रात में चौपालें लगाकर लोगों को समझाया।

बड़े कदम : हर दिन 15 हजार फोन कॉल

  • 1800 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर घूमीं, सर्वे किया। सर्वे किया।
  • कलेक्टोरेट के बाबुओं को टारगेट दिया कि हर व्यक्ति 5 से 10 छूटे हुए लोगों को ढूंढें और टीका लगवाएं।
  • हर एसडीएम को पांच-पांच हजार डोज लगाने का टारगेट दिया।
  • ड्राइव इन वैक्सीनेशन पहली बार देश में भोपाल ने शुरू किया।
  • गांवों में जिम्मेदारी वहीं की महिलाओं को दी, ताकि लोग उन पर भरोसा कर टीका के लिए आगे आएं।
  • स्मार्ट सिटी कॉल सेंटर से हर दिन 15 हजार लोगों को फोन किए।

हम 60% सुरक्षित
भोपाल जिले में अब तक 1733212 डोज कोविशील्ड, 208723 डोज कोवैक्सीन, 1057 डोज स्पूतनिक के लगाए गए हैं। स्पूतनिक की सिंगल डोज 93%, कोवैक्सीन की 65% और कोविशील्ड की 61% तक सुरक्षा देती है। तीनों की सिंगल डोज का औसत निकालें तो यह करीब 60% तक आता है। इस लिहाज से 100% वैक्सीनेशन होने पर हम मान सकते हैं कि हम 60% तक सेफ हो गए हैं। - डॉ. एसपी दुबे, सदस्य, राज्य स्तरीय कोरोना सलाहकार समिति

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